उत्तर प्रदेश में बाढ़ से अब तक 118 लोगों और 26 पशुओं की जानें जा चुकी हैं। पिछले 24 घंटे में बाराबंकी और मिर्जापुर में एक-एक मौत हुई है। एल्गिन ब्रिज पर घाघरा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाराबंकी, बहराइच और बस्ती में 80 से ज्यादा गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
प्रदेश की अधिकांश नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं लेकिन बाराबंकी और बहराइच में घाघरा का रौद्र रूप जारी है। एल्गिन ब्रिज पर घाघरा लाल निशान से ऊपर बह रही है। बहराइच में कैसरगंज तहसील के 10, नानपारा के सात तथा महसी के 16 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
कटान से प्रभावित 365 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाराबंकी में सिरौलीगौसपुर तहसील के छह गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। दो गांवों के लोग अभी भी बंधे पर रह रहे हैं। बस्ती जिले में बस्ती, हरैया और भानपुर तहसील के 41 गांवों की करीब 12 हजार आबादी बाढ़ की चपेट में है।
गोंडा के तीन गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। अन्य जिलों में बाढ़ की स्थिति सामान्य है। राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक बाढ़ से सर्वाधिक 20 लोगों की जान सीतापुर में गई है।
सहारनपुर में 15, लखीमपुर खीरी में नौ, गोरखपुर में नौ, बाराबंकी में सात, फैजाबाद में छह, बस्ती में छह, गाजीपुर में छह, सिद्धार्थनगर में आठ लोगों की मौत हुई है। प्रदेश के कुल 30 जिलों में बाढ़ से जनहानि हुई है।