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करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी ये है आलम, अंधेरे में गुजरी सीएम की फ्लीट

Tue, 21 Aug 2018 11:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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शहीद पथ - फोटो : amarujala
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लखनऊ में करोड़ों खर्च करने के बाद भी शहीद पथ पर अंधेरा कायम है। यह हाल तब है जब इससे ही मुख्यमंत्री और अन्य वीवीआईपी का आना-जाना होता है। बीते माह हुई स्मार्ट सिटी कांफ्रेंस के लिए पीएम भी इसी से गुजरे थे।
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बावजूद इसके शहीद पथ की स्ट्रीट लाइटिंग व्यवस्था का रखरखाव ठीक से नहीं किया जा रहा। 11 अगस्त को जब सीएम की फ्लीट यहां से गुजरी थी, तब भी पथ पर अंधेरा था। इसे लेकर अब संबंधित इंजीनियर और कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई होगी। इन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है। 

चिनहट से अमौसी एयरपोर्ट तक शहीद पथ की लंबाई करीब 22.5 किमी है। इसमें से 16.5 किमी के दायरे में नगर निगम ने करीब 1200 सोडियम लाइटें लगवाई हैं। इन्हें बिजली देने के लिए 100 केवीए के नौ ट्रांसफार्मर भी लगवाए गए हैं।
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इस पूरी व्यवस्था पर करीब 5.50 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसमें से 97 लाख तो ट्रांसफार्मर लगवाने पर ही खर्च हो गए। नगर निगम ने यह काम ठेके पर कराया। क्राम्प्टन कंपनी की ओर से ठेकेदार राजेश पोद्दार ने लाइटें लगवाईं।
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फॉल्ट से अंधेरे में डूब गया था शहीद पथ

- फोटो : डेमो
अनुबंध के तहत उसे मरम्मत भी करवानी है, लेकिन इसमें वह लापरवाही कर रहा है। चनहट से अमौसी के बीच शहीद पथ पर करीब 175 स्ट्रीट लाइटें दस दिन से खराब पड़ी हैं। उनकी मरम्मत भी नहीं हो रही है।

11 अगस्त की देर शाम सीएम की फ्लीट शहीद पथ से जिस वक्त गुजरी, उस समय केबल फॉल्ट के कारण स्ट्रीट लाइटें बंद थी। पथ पर अंधेरे को लेकर उच्च स्तर से निगम अफसरों को कड़ी फटकार भी लगी। इसके बाद सहायक अभियंता की ओर से अवर अभियंता सूर्य विक्रम को नोटिस भी जारी किया गया।

सवाल यह भी उठता है कि जब केबल फॉल्ट ठीक करने की जिम्मेदारी ठेकेदार फर्म की थी फिर निगम के कर्मचारियों से यह काम क्यों कराया गया और ठेकेदार पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। ऐसे में अवर अभियंता और ठेकेदार के बीच साठगांठ से इंकार नहीं किया जा सकता।

करीब चार साल पहले शहीद पथ पर स्ट्रीट लाइटें तब लगी थीं जब हाईकोर्ट ने इसे लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी। शहीद पथ पर कौन विभाग स्ट्रीट लाइटें लगाएगा, इसे लेकर विवाद था। शहीद पथ एनएचएआई ने बनाया है पर उसने स्ट्रीट लाइटें लगाने से इंकार कर दिया था।
 
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नोटिस देने के बाद ही ठेकेदार ठीक करता है लाइटें

डेमो
वहीं, पूरा शहीद पथ तीन विभाग के क्षेत्र में आता था जिसमें नगर निगम, एलडीए और आवास विकास शामिल है। कुछ हिस्सा निजी कंपनी अंसल हाउसिंग के क्षेत्र में भी है। इस कारण कोई खर्च उठाने को तैयार नहीं था। आखिर में एक कमेटी बनी और उसके बाद जिसके क्षेत्र में जो हिस्सा था उसने उसका काम कराया।

क्राम्प्टन कंपनी की ओर से ठेकेदार राजेश पोददर ने शहीद पथ पर लाइटें लगाई हैं। अनुबंध के तहत उसे ही इनकी मरम्मत करनी है। हालांकि इसके लिए उसे टोकना पड़ता है। इस समय करीब 175 लाइटें बंद हैं। इन्हें ठीक कराने के लिए अब नोटिस जारी किया जाएगा।  - सूर्य विक्रम, अवर अभियंता 
 
सीएम  के आगमन की जानकारी के बाद मैं शहीद पथ पर निरीक्षण कर रहा था तो अवर अभियंता सूर्य विक्रम फॉल्ट ठीक करवा रहे थे।यह काम ठेेकेदार को पहले करना था। इस कारण फॉल्ट समय से ठीक नहीं हुआ और फ्लीट अंधेरे में गुजरी। अवर अभिंयता को ठेकेदार फर्म के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा गया है। उनसे तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
- मोहम्मद रिजवान, सहायक अभियंता
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