हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सूबे के लोक निर्माण विभाग में अभियंताओं के प्रमोशन में धांधली की जांच करने के निर्देश सतर्कता विभाग को दिए हैं।
कोर्ट ने कहा है कि सतर्कता विभाग एसपी रैंक केअफसर की अध्यक्षता में टीम बनाकर जांच कराए कि क्या ये प्रमोशन अन्यथा कारणों से किए गए।
अदालत ने कहा कि अगर यह पाया जाए कि प्रमोशन किसी पर्दे के पीछे के खेल (अंडर हैंड डीलिंग) को लेकर किए गए, तो संबंधित अफसरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाकर मुकदमा चलाया जाए।
कोर्ट ने विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिया है कि प्रोन्नत किए गए अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर उन्हें दी गई प्रोन्नति रद्द करें।
कोर्ट ने सरकार को प्रमोशन निरस्त किए जाने से खाली होने वाले पदों को नियमित प्रोन्नति से भरने के लिए एक चयन समिति बनाने के भी निर्देश दिए हैं। यह मामला विभाग के अवर अभियंताओं का सहायक अभियंताओं केपदों पर किए गए प्रमोशन का है।
न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह व न्यायमूर्ति अशोक पाल सिंह की खंडपीठ ने यह फैसला अवर अभियंता सुरेंद्र बहादुर सिंह की वर्ष 2008 की रिट को मंजूर कर सुनाया।
याची का कहना था कि वरिष्ठता की अनदेखी कर उससे कनिष्ठों को प्रमोट कर दिया गया। याची ने इसमें सेवा नियमों का भी उल्लंघन किए जाने का आरोप लगाया था। साथ ही खुद को सहायक अभियंता पद पर प्रमोट करने के निर्देश दिए जाने का आग्रह किया था।