लखनऊ। कुर्सी बीनने से इनकार करने पर लोहे की रॉड से गैर इरादतन जानलेवा हमला करने के आरोपी शिव हरी को दोषी ठहराकर एडीजे रोहित सिंह ने पांच साल की कैद और 12 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माने की आधी धनराशि को वादी को दिए जाने का आदेश दिया है।
कोर्ट में बताया गया कि मामले की रिपोर्ट वादी जितेंद्र जोशी ने चार अक्तूबर 2010 को हसनगंज थाने में दर्ज कराई थी। वादी कुर्सी बुनने का काम करता है। वह घटना के दिन साइकिल से डालीगंज बाजार में घूम रहा था। वादी आरोपी शिवहरी की गैस की दुकान के सामने पहुंचा तो उसने तुरंत कुर्सी बनाने के लिए कहा। इस पर वादी ने कहा कि आज उसके बाबा व दादी का श्राद्ध है। कुर्सी कल बनाकर देगा। इससे नाराज होकर शिव हरी मां-बहन की गालियां देने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी देते हुए सिर पर लोहे की रॉड मार दी। हमले में वादी को गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर बेहोश होकर गिर पड़ा।