लखनऊ। दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पति राम प्रसाद को दोषी ठहराकर आयुर्वेद घोटाला प्रकरण के विशेष न्यायाधीश रोहित सिंह ने पांच साल के कठोर कारावास और दस हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से बताया गया कि मृतका की माता पार्वती देवी ने 12 मई 2017 को निगोहां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक वादिनी की बेटी गुड़िया की तीन महीने पहले आरोपी राम प्रसाद के साथ कोर्ट मैरिज हुई थी। कहा गया कि शादी के बाद से ही वादिनी की पुत्री के ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर गुड़िया को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे। 12 मई को वादिनी को फोन से जानकारी मिली कि उसकी बेटी ने आरोपियों की दहेज की मांग से तंग आकर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी है।