देवा कोतवाली के रफीपुर गांव में बुधवार दोपहर शादी की रस्मों के बीच धूप में रखा पांच किलो का गैस सिलेंडर फट गया। पलक झपकते घर आग का गोला बन गया।
आग की चपेट में आकर 23 लोग झुलस गए, जिनमें से आठ की मौत हो गई। मरने वालों में छह बच्चे और दो महिलाएं शामिल हैं।
जबकि छह को नाजुक हालत में राजधानी के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सीएम अखिलेश यादव ने मृतकों के परिवारीजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद देने का एलान किया है।
पूरा घर आग का गोला बन गया
अस्पताल में मौजूद घायलों के परिजन
- फोटो : amar ujala
रफीपुर गांव निवासी लल्लाराम (25) पुत्र स्व. रामनरायन पाल का 29 अप्रैल को बारात जानी है।
बुधवार को घर में तेल पूजन व कन्या भोज कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी। जहां खाना बन रहा था, वहां कन्या भोज के कारण काफी भीड़ थी। महिलाएं गाने में व्यस्त थीं। तभी यहां धूप में रखा पांच किलो का गैस सिलेंडर फट गया।
सिलेंडर फटने से निकली गैस आसपास फैल गई। पास में दूसरे चूल्हे पर बन रहे खाना के कारण पूरा घर आग का गोला बन गया। लल्लाराम समेत 23 लोग झुलस गए।
बचाव के लिए दौड़े लोग, नजारा देख कांप गई रूह
बेहाल घायलों के परिजन
- फोटो : amar ujala
आग लगते ही चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों के मुताबिक लोग दौड़े लेकिन आग की लपटें देख रूह कांप गई।
जब तक आग पर काबू पाते बच्चे-महिलाओं समेत 23 लोग झुलस चुके थे।
पहले एंबुलेंस से पहले लाए गए सात, सबकी हो गई मौत
गंभीर रूप से झुलसे दो महिलाओं और पांच बच्चों को दोपहर ढाई बजे सिविल अस्पताल लाया गया।
एक-एक कर सब दम तोड़ते रहे
अजीत (5), सोनम (3), कैलाश का बेटा गोलू (4), प्रवेश पाल का बच्चे खुशी (3) और विवेक (2) को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
जबकि लखनऊ सीतापुर रोड के रहने वाले राम विलास की पत्नी ज्ञानवती (58) और बाराबंकी के दारापुर की कलावती (59) इलाज शुरू होने के कुछ मिनटों में ही दम तोड़ दिया। वहीं देर शाम अंशिका (4) ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
दूल्हे समेत छह की हालत नाजुक
दूल्हा लल्लाराम, ममता पाल (30), रोली (7), खुशी (4), देवेश (2) और रोशनी (5) की हालत नाजुक है।