उन्नाव के जुराखन खेड़ा में बुधवार रात कच्ची शराब पीने से दो सगे भाइयों समेत पांच की मौत हो गई, जबकि दो अज्ञात युवकों को गंभीरा हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस घटना के बाद जिले में हलचल मच गई। जिला आबकारी अधिकारी सहित आबकारी विभाग से सात एवं चौकी प्रभारी व दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि शहर कोतवाली प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र की सिविल लाइन चौकी के मोहल्ला जुराखन खेड़ा में बुधवार रात कच्ची शराब पीने से लालचंद्र और उसके भाई छत्रपाल, इसी मोहल्ले के मंगली, मंगली के चचेरे भाई राकेश की तबियत खराब हो गई।
परिजनों ने इन सभी को पास ही स्थित नर्सिंग होम पहुंचाया, जहां हालत गंभीर देख चिकित्सक ने कानपुर रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर कानपुर जा रहे थे कि रास्ते में तीनों ने दम तोड़ दिया। राकेश की बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे मौत हो गई।
मुख्यमंत्री के आदेश पर सिपाही निलंबित
वहीं, बस्ती के पास मैदान में एक तीस वर्षीय अज्ञात युवक का शव पड़ा मिला। बृहस्पतिवार को मोहल्ले के पास स्थित लोक नगर रेलवे क्रासिंग के पास 35 वर्षीय व 25 वर्षीय युवक बेहोशी की स्थिति में मिले। पुलिस ने दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां एक की पहचान शहर के मोहल्ला लोधनहार राजेश के रूप में हुई।
पांच लोगों की मौत के बाद उन्नाव से लेकर लखनऊ तक हलचल मच गई। एसपी एमपी सिंह ने पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है। बताया कि सभी का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
परिजन शराब पीने की बात कह रहे हैं, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। उधर पांच लोगों की मौत की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर शासन ने उन्नाव के जिला आबकारी अधिकारी ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, आबकारी निरीक्षक गिरिराज सिंह, प्रधान आबकारी सिपाही राज बहादुर एवं चार आबकारी सिपाहियों को निलंबित कर दिया।
इन आबकारी कर्मियों को शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही व उदासीनता बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है।