राजधानी में शुक्रवार को कोरोना के 11 संदिग्ध मरीज मिले। इन्हें तुरंत केजीएमयू में भर्ती कराया गया है। इनमें से नौ को रिपोर्ट निगेटिव आने पर छुट्टी दे दी गई। दो संदिग्धों की रिपोर्ट का इंतजार है। डॉक्टरों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही दोनों मरीजों के बारे में फैसला लिया जाएगा।
इनमें से एक लखनऊ एयरपोर्ट के कर्मचारी को केजीएमयू के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। उसे बुखार के साथ शरीर में जकड़न है। जुकाम भी बना हुआ है। उसका सैंपल जांच को भेजा गया है। इसी तरह राजस्थान से लौटे व्यक्ति में भी कोरोना के लक्षण मिले हैं। वह फ्रांस से आने वाले यात्री के संपर्क में था। अभी दोनों की रिपोर्ट नहीं मिली है।
कोरोना संक्रमित डॉक्टर का फिर लिया सैंपल
कोरोना संक्रमित डॉक्टर की हालत स्थिर बनी हुई है। शुक्रवार को फिर उसका सैंपल लिया गया। टोरंटो से लौटी डॉक्टर को दो दिन पहले केजीएमयू में भर्ती कराया गया है। वहीं, उसके पति, बेटे सहित परिवार के अन्य सदस्यों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि दोबारा जांच से स्थिति का पता चलेगा।
महिला डॉक्टर के संपर्क में आए छह लोगों की जांच
कोरोना संक्रमित महिला डॉक्टर इंदिरानगर के एक परिवार के संपर्क में थी। ऐसे में शुक्रवार को सिविल अस्पताल से टीम जांच को इनके घर भेजी गई। टीम ने छह लोगों का सैंपल लिया। इन्हें जांच रिपोर्ट आने तक घर में ही रहने की सलाह दी गई है। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल के मुताबिक, महिला डॉक्टर व उसके पति के संपर्क में आए सभी लोगों की जांच कराई जाएगी।
लोकबंधु अस्पताल में गुरुवार को भर्ती कराए गए कोरोना के तीन संदिग्धों की जांच रिपोर्ट शुक्रवार को निगेटिव आई है। इस पर इन्हें डिस्चार्ज कर दिया है। जांच में ओमान से लौटे 38 वर्षीय मऊ निवासी को बुखार था। उसकी सांस भी फूल रही थी। इस पर उसे तुरंत लोकबंधु अस्पताल भेजा गया। वहीं, अयोध्या के रुदौली की 64 वर्षीय महिला व 74 वर्षीय बुजुर्ग को भी भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम 28 दिन तक इनकी निगरानी करेगी।