यूपी इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के चेयरमैन प्रतीक हीरा कहते हैं कि पिछले वर्ष मेरे स्तर से करीब 500 विदेशी पर्यटकों को अयोध्या का भ्रमण कराया गया। लेकिन इनमें से किसी ने अयोध्या में रात्रि विश्राम नहीं किया। वे लखनऊ लौट गए या फिर प्रयागराज या वाराणसी चले गए। मगर अब स्टार होटल बनने से वहां पर्यटक रुकेंगे।
इससे वहां की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ेगा। आगरा से लखनऊ, लखनऊ से अयोध्या, अयोध्या से प्रयागराज और प्रयागराज से वाराणसी पर्यटकों के लिए एक सर्किट की तरह है। सरकार को स्थानीय विकास के साथ इस सर्किट के इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट पर भी ध्यान देना चाहिए जिससे कम समय में पर्यटक इन स्थलों पर पहुंच सकें।
अयोध्या में जैसे-जैसे धार्मिक गतिविधियां बढ़ेंगी, पर्यटक बढ़ेंगे तो फोटोग्राफी के क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। फल, फूल, दूध की मांग भी बढ़ेगी। यानी पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था के साथ कृषि अर्थव्यवस्था को फलने-फूलने का बड़ा अवसर आएगा। ऐसे में स्थानीय किसानों को फूलों व तुलसी की खेती के लिए प्रोत्साहित कर आय व रोजगार का बड़ा अवसर पैदा किया जा सकेगा।
हैंडलूम और प्रकाशन सेक्टर को भी लगेंगे पंख
आमतौर पर धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों को वहां की पहचान से जुड़े प्रतीकों, पुस्तकों को खरीदने में रुचि होती है। ऐसे में अयोध्या की जैसे-जैसे वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ेगी, वहां की संस्कृति की छाप से जुड़े गमछे, कुर्ते, खड़ाऊं आदि की मांग बढ़ेगी। साथ ही, धार्मिक साहित्य और वहां के इतिहास से जुड़े प्रकाशन बढ़ेंगे। इससे हैंडलूम और प्रकाशन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेगी। इससे अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ेगा और लोगों की आय भी।