लखनऊ। जिले की पांच धरोहरें लीज पर दी जाएंगी। यहां रेस्टोरेंट खुलेंगे व ठहरने की सुविधाएं होंगी। जल्द ही पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत धरोहरों को पुनर्जीवित करने की प्रकिया शुरू होगी।
विभाग के अनुसार, निजी संचालकों को तीन से पांच साल के लिए इस शर्त पर लीज पर दिया जाएगा कि यहां की स्थिति में कोई बदलाव न हो। साथ ही अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए ऐतिहासिक दृष्टि से सही हो। सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि राजधानी के फरहत बक्श कोठी, छतर मंजिल, कोठी दर्शन विलास, रोशन दौला कोठी व कोठी गुलिस्तान इरम पीपीपी मॉडल के तहत विकसित होंगे। इससे भवनों की मरम्मत तो होगी ही साथ में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनेगी।
लीज पर दी जाने वाले धरोहरों में शादी-विवाह व विभिन्न उत्सव भी होंगे। इसके अलावा वेलनरेस सेंटर, माइस एक्टिविटी सेंटर, रिजॉट, म्यूजियम, हेरिटेज रेस्तरां, बुटिक रेस्तरां, बैंक्वेट हॉल, वेडिंग टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, होम स्टे, थीमैटिक पार्क की सुविधाएं होंगी। पर्यटन विभाग के मुताबिक, इस पहल से स्थानीय धरोहरों को पहचान मिलेगी।