लालगंज-खीरों (रायबरेली)। बरस गांव के पास सोमवार को डंपर की ऑटो से टक्कर हो गई थी। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी। छह लोग घायल हुए थे। मंगलवार को गम और आंसू के बीच शवों का अंतिम संस्कार कराया गया। गेगासों गंगा घाट पर पांच शव जले तो माहौल गमगीन हो गया।
मृतक लालगंज के महेशनगर, सराफा मंडी मोहल्ला, खीरों के एकौनी गांव और सरेनी के जदईखेड़ा के रहने वाले थे। शव जब पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। हर कोई नियति को दुहाई देता नजर आया। हादसे में मौत का शिकार हुए ऑटो चालक रजनीश, लालगंज कस्बे के सराफा मंडी मोहल्ला निवासी गिरजाशंकर उर्फ लाल सोनी (22) पुत्र राम दुलारे के घर पर परिजनों को रोता बिलखता देख हर किसी की आंख नम हो गई।
गिरजाशंकर अविवाहित थे। कैटर्स का काम करते थे। वह चार भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटे थे। उनकी मौत से बड़े भाई सुरेंद्र, वीरेंद्र, राजेंद्र व बहन गायत्री और सावित्री गमगीन हैं। खीरों के एकौनी गांव में भी मातम पसरा रहा। सोमवार को गांव निवासी दिनेश (40) पुत्र सहदेव और निगम (22) पुत्र नेपाल गांव के अन्य लोगों के साथ रायबरेली में शादी समारोह में बैंड बाजा बजाने घर से निकले थे। बरस गांव के पास हादसे में दोनों की मौत हो गई थी। निगम के शव की शिनाख्त तो हो गई थी लेकिन दिनेश के शव की शिनाख्त सोमवार रात को हुई थी।
दिनेश के भाई की छह माह पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। निगम की मां और एक बहन की लगभग आठ महीने पहले सड़क दुर्घटना में मिश्रखेड़ा के पास मौत हुई थी। अभी दोनों परिवार इस सदमे से उबर नहीं पाए थे कि फिर से दोनों परिवारों को जिंदगी भर सालने वाला दर्द मिल गया। जब दोनों युवकों के शव गांव पहुंचे तो लोगों की भीड़ जमा हो गई। हर आंख से आंसू निकल पड़े।
देर शाम को दोनों के शवों का गेगासों गंगाघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। हादसे से मृत निगम के बड़े भाई शुभम, अगम छोटे भाई अनूप, लकी, कार्तिकेय व दयालू तथा बहन सरस्वती रोते हुए एक-दूसरे को सांत्वना देते रहे।
बेटे की मौत से बदहवास हो गई मां
भोजपुर। हादसे का शिकार हुए भोजपुर ग्राम सभा के जदईखेड़ा निवासी रमनदीप (19) पुत्र रामगोपाल का शव घर पहुंचा तो भाई-बहन शव देखकर रो पड़े। सोमवार को रमनदीप अपने छोटे भाई की दवा लेने के लिए घर से रायबरेली के लिए निकला था। ऑटो से वह रायबरेली जा रहा था। रास्ते में हादसा हुआ और रमन की मौत हो गई। रमनदीप की मौत से बहन रिंकी (21), सिंकी (10), करन (17) व मनीष (14) शव से लिपट कर रोते रहे। मां गीता देवी तो बेटे की मौत से बदहवास हो गई।