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Lucknow News: पांच दिन बीते, असलहे देने वाले अधिवक्ता का पता नहीं लगा सकी पुलिस

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लखनऊ। पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन तूलिका की हत्या के बाद खुद आत्महत्या करने वाले बैंक अफसर मानस बाजपेयी को असहले देने वाले अधिवक्ता का पुलिस अब तक पता नहीं लगा सकी है। दोनों पक्षों की ओर से अभी तक किसी ने तहरीर भी नहीं दी है। खास बात ये है कि तीन अवैध असलहे मिलने के बाद भी पुलिस की ओर से केस दर्ज नहीं कराया गया है। पुलिस एक बार फिर नए सिरे से मामले की छानबीन करने जा रही है।
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मानस की कॉल डिटेल में अंतिम बार ऑटो चालक से बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। इसके आधार पर पुलिस ऑटो चालक से दोबारा पूछताछ करेगी। पुलिस मानस के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन का भी ब्योरा निकाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वारदात के एक सप्ताह के भीतर मानस ने किसे मोेटी रकम ट्रांसफर की थी। पुलिस का कहना है कि लेनदेन में शामिल लोगों से पूछताछ की जाएगी। इसी आधार पर असलहा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति तक पहुंचा जा सकता है। सीतापुर के एक अधिवक्ता के बारे में पुलिस की एक टीम पता लगा रही है। कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की गई है, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली है। इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र तिवारी का कहना है कि सभी पहलुओं पर मामले की छानबीन की जा रही है। ऑटो चालक से दोबारा पूछताछ की जाएगी। मानस के एक सप्ताह की दिनचर्या के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
बहन के आरोपों की होगी जांच
बहन की हत्या के बाद बहन प्रज्ञा ने कई आरोप लगाए थे, पुलिस उन आरोपों को भी जांच में शामिल करेगी। इसके अलावा मानस के लगाए गए स्टेटस के आधार पर प्रज्ञा के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। कुछ लोगों ने पुलिस को मानस के स्वभाव के बारे में भी बताया है। कहा जा रहा है कि कुछ दिनों से मानस परेशान नजर आ रहा था। वह छोटी-छाेटी बातों पर नाराज हो जा रहा था। इस वारदात में मानस की किसी ने मदद की थी या नहीं, इसके बारे में भी पड़ताल की जा रही है।
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