फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 के लिए यूपी के पांच बच्चे चयनित, 25 जनवरी को पीएम मोदी करेंगे बात

Sat, 23 Jan 2021 10:24 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
विज्ञापन
पीएम मोदी - फोटो : यूट्यूब स्क्रीनग्रैब
विज्ञापन

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 के लिए चयनित बच्चों के नाम की घोषणा हो चुकी है। इसमें प्रदेश के पांच बच्चों का चयन किया गया है। राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए चयनित इन बच्चों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात करेंगे। 

विज्ञापन


यूपी के जिन बच्चों का चयन राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए हुआ है उनमें लखनऊ के व्योम आहूजा, गौतमबुद्ध नगर के चिराग भंसाली, बाराबंकी के कुंवर दिव्यांश सिंह, अलीगढ़ के मोहम्मद शादाब और प्रयागराज के मोहम्मद शामिल हैं।

दिव्यांश ने सांड़ से बचाई बहन
तीन साल पहले सांड़ के एक हमले में अपनी पांच वर्षीय बहन की जान बचाने वाले बाराबंकी शहर के निवासी कुंवर दिव्यांश सिंह ने सोमवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की।
विज्ञापन


बता दें कि बाराबंकी निवासी 16 वर्षीय कुंवर दिव्यांश सिंह को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। पीएम मोदी उनसे वीडियो कांफ्रेंसिंग से बात करेंगे। दिव्यांश को यह पुरस्कार तीन साल पहले अपनी बहन की सांड़ के हमले से भिड़कर जान बचाने के लिए दिया जा रहा है। इससे पहले भी दिव्यांश को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व राज्यपाल रामनाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मानित कर चुके हैं।

मोहम्मद शादाब की क्या कहानी

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र मोहम्मद शादाब ने केनेडी-लूगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडी स्कॉलरशिप के जरिए बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल, अमेरिका में पढ़ाई की थी। 97.6 फीसदी अंक हासिल कर स्कूल टॉप किया था। यूनिवर्सिटी के मिंटो सर्किल से कक्षा नौ की पढ़ाई करके शादाब ने स्कॉलरशिप के जरिये बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल में दाखिला लिया था। उसे स्कॉलरशिप में 28 हजार अमेरिकी डालर मिले थे।

शादाब ने बताया कि फरवरी 2020 में उसे स्कूल में स्टूडेंट ऑफ द मंथ भी चुना गया था। शादाब ने कहा कि उनकी अम्मी जरीना बेगम व अब्बू अरशद नूर पढ़े-लिखे नहीं हैं, जबकि बड़े भाई समद नूर बीसीए की पढ़ाई कर चुके है। छोटी बहन अब्दुल्ला गर्ल्स कॉलेज में पढ़ रही है। शादाब को अमेरिकी सरकार की स्कॉलरशिप एक साल की मेहनत के बाद मिली थी, जब वह कक्षा नौ में पढ़ रहा था, तब उसका चयन ऑल इंडिया एक्सेस प्री इंग्लिश कैंप मुंबई के लिए हुआ था। कैंप में अमेरिकन ट्रेनर टॉम ने केनेडी-लूगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडी स्कॉलरशिप के बारे में जानकारी दी थी। 

व्योम आहूजा पहले भी कई रिकॉर्ड कर चुके हैं नाम

महज 11 वर्ष की उम्र में व्योम आहूजा ने वह हासिल कर लिया है जो बड़े-बड़े धुरंधर पूरे जीवन में हासिल नहीं कर पाते। व्योम ने संगीत, खेल और ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में 35 रिकॉर्ड हासिल किए हैं। अब उनके खाते में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। वे प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार-2021 के लिए चयनित हुए हैं। 25 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए उनसे सीधे बात करेंगे।

व्योम की यह उपलब्धि राजधानी के लिए गौरव की बात है। चयन होने के बाद स्कूल और उनके परिवार में खुशी की लहर है। वो बचपन से ही प्रतिभावान हैं। वे सीएमएस गोमती नगर में सातवीं कक्षा के छात्र हैं। महज ढाई साल की उम्र में बांसुरी बजाने लगे थे। जल्द ही इस पर महारत हासिल कर ली।

बांसुरी के अलावा भी वे कई वाद्य यंत्र जैसे माउथ ऑर्गन, सेक्सोफोन आदि भी बजाते हैं। नौ साल की उम्र में वे एशिया में बंजी जंपिंग में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने। वे वर्ष 2017 में कॉमनवेल्थ चेस चैंपियनशिप के आठवीं वर्ग के अंतर्गत प्रतिभाग कर चुके हैं। संगीत, खेल, ज्ञान व विज्ञान के क्षेत्र में 28 बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज हो चुका है। वहीं दो बार फ्यूचर कलाम अवार्ड से भी सम्मानित किए जा चुके हैं। उनके नाम तीन एशियन और दो यूनिवर्स अवॉर्ड भी हैं।
विज्ञापन

‘स्वदेशी टेक’ बनाने वाले चिराग राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए चयनित

नोएडा सेक्टर-40 निवासी चिराग भंसाली का चयन राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए हुआ। यह पुरस्कार उन्हें इनोवेशन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाएगा। डीपीएस नोएडा के 11वीं के छात्र चिराग ने चीनी ऐप का विकल्प खोजने के लिए ‘स्वदेशी टेक’ नाम से वेबसाइट बनाई थी। 

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2021 के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए थे। चयन के बाद केंद्र ने प्रदेश सरकार को बाल विजेताओं की सूची भेज दी। साथ ही संबंधित जिलाधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इन बच्चों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात कराने के निर्देश दिए हैं।

नोएडा से चयनित 16 वर्षीय चिराग की हमेशा से नई तकनीक में रुचि रही है। चीनी ऐप पर प्रतिबंध के बाद चिराग ने स्वदेशी टेक नाम से वेबसाइट बनाई, जो लोगों को प्रतिबंधित ऐप का विकल्प खोजने में मदद करती है। सहपाठियों को चीनी ऐप का उपयोग करते देख एवं इनोवेटर सोनम वांगचुक के वीडियो से प्रेरित होकर उन्होंने यह वेबसाइट बनाई।

चिराग ने 12 साल की उम्र में कोडिंग सीखनी शुरू कर दी। वह कुछ अन्य वेबसाइटों का निर्माण भी कर चुके हैं। चिराग ने वेबसाइट में ऐप को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया है। शुरुआत में वेबसाइट पर 56 ऐप के विकल्प थे। जिन्हें लगातार बढ़ाया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें