लखनऊ। मोबाइल चोरी कर यूपीआई के जरिये बैंक खातों से लाखों रुपये निकालने वाले गिरोह का सैरपुर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 15 मोबाइल, सात सिम कार्ड, दो डेबिट कार्ड, 22 हजार रुपये और वारदात में इस्तेमाल कार बरामद की है।
डीसीपी नॉर्थ गोपाल कृष्णा चौधरी ने बताया कि पकड़ा गया हरदोई के संडीला निवासी रामसुमिरन गिरोह का सरगना है। अन्य आरोपियों में औरैया के ब्रह्मनगर का निवासी सतेंद्र सिंह, ओमनगर का सत्यम, शाहजहांपुर के सेहरामऊ का देशराज और हाथरस के सिकंदराराऊ का प्रवीण कुमार है।
डीसीपी ने बताया कि सात जून को सैरपुर के कमलाबाद बढ़ौली निवासी सरोज कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि किसी ने उनका मोबाइल चोरी कर खाते से 1.90 लाख रुपये निकाल लिए। सोमवार को सूचना मिली कि आरोपी चोरी की कार से किसान पथ होते हुए बीकेटी की ओर से जा रहे हैं। इस पर पुलिस की दो टीमों ने आरोपियों को किसान पथ पर घेराबंदी कर पकड़ा। आरोपियों ने बताया कि वे भीड़ वाली जगहों से मोबाइल चुराते थे। फिर बैंकिंग और पेमेंट ऐप से नई यूपीआई आईडी बनाकर अपने बैंक खातों में रकम भेजते थे।
ऐसे करें अपने फोन और यूपीआई को सुरक्षित
00 मोबाइल को फिंगरप्रिंट या पासवर्ड से सुरक्षित रखें जिससे चोरी की दशा में कोई मोबाइल का दुरुपयोग न कर सके।
00 फोन चोरी होने पर तत्काल अपने टेलीकॉम कंपनी को सूचित करते हुए सिम कार्ड बंद कराएं। यह सबसे जरूरी है।
00 यूपीआई एप में अब टू-वे ऑथेंटिकेशन के फीचर आते हैं, इन्हें सक्रिय करें जिससे ठगी की गुंजाइश कम हो सके।
00 नए स्मार्टफोन में फोन खो जाने पर रिमोट एक्सेस के जरिये फोन व सभी एप बंद करने का फीचर होता है, इसे सक्रिय रखें।
00 फोन खोने या चोरी होने पर नजदीकी थाने को सूचना दें। इससे अपने मोबाइल नंबर का नया सिम पाने में मदद मिलेगी।