राजधानी में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए 1.60 लाख लोगों ने अपना पहला आशियाना पाने के लिए आवेदन किया। बिना घर के इतनी बड़ी संख्या में आवेदकों में से 20 प्रतिशत को पहले साल में आशियाना दिलाने के लिए कवायद भी डूडा ने शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि 2017 में 20 प्रतिशत यानी 32 हजार लोगों को आशियाना देने का लक्ष्य तय किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए डाटा फीडिंग और इसकेसाथ सर्वे का काम भी शुरू करा दिया गया है।
राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) ने इस काम के लिए मुंबई की एक एजेंसी सरजू बाबू इंजीनियर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को चुना है। यह एजेंसी लखनऊ के आवेदकों के फॉर्म की डाटा फीडिंग और सर्वे का काम करेगी।
एजेंसी को 20 प्रतिशत आवेदन का काम पहले साल पूरा करने का लक्ष्य दिया है। सर्वे पूरा होने के बाद चयनित आवेदकों की जरूरत पूरा करने के लिए निजी डवलपर्स, एलडीए, आवास विकास परिषद और नगर निगम से आवास बनवाए जाएंगे।
इन सभी संस्थाओं के सामने भी प्रधानमंत्री आवास योजना में अपने बनाए आवास बेचने का विकल्प रहेगा। डूडा से मिले आंकड़ों के मुताबिक, प्रधानमंत्री आवासीय योजना के लाभ लेने के लिए लखनऊ में 91,138 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन के साथ ही 68,932 आवेदकों ने जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय पर आवेदन जमा किया है।
लखनऊ में अपना आशियाना बनाने के लिए कुल 1,60,070 लोगों ने आवेदन किया है। इसमें कुछ ने नए घर को लेकर आवेदन किया है वहीं कुछ ने अपने आशियाने को सजाने व संवारने और निर्माण को लेकर आवदेन किया है।