लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक पहले सेमेस्टर की परीक्षाओं के साथ ही कॉपियों के मूल्यांकन की भी तैयारी शुरू कर दी है। विवि प्रशासन ने नए संबद्ध हुए जिलों के कॉलेजों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर कहा है कि स्नातक की कॉपियों का मूल्यांकन केंद्रीकृत तरीके से विश्वविद्यालय में ही होगा।
निर्धारित व्यवस्था के अनुसार परीक्षा के बाद कॉपियां सील पैकेट में विश्वविद्यालय आएंगी। यहां बीए, बीएससी, बीकॉम के लिए अलग-अलग मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। इनको कोर्स वाइज कॉपियां देकर जंचवाई जाएंगी। परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी ने कॉलेजों को निर्देश दिया है कि विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था ऐसी हो कि उनके चेहरे सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दें। कैमरे चालू स्थिति में हों और इनकी रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित रखी जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर इसे चेक किया जा सके। परीक्षा केंद्र परीक्षा से निर्धारित समय पहले खोला जाए और विद्यार्थियों को समय से प्रवेश दिया जाए। किसी विशेष परिस्थिति में केंद्र अध्यक्ष स्वविवेक से परीक्षा शुरू होने के बाद विद्यार्थी को प्रवेश दें, लेकिन यह अवधि भी 30 मिनट से ज्यादा नहीं होगी। किसी भी परीक्षार्थी को दो घंटे से पहले उत्तर पुस्तिका जमाकर कैंपस से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी।
पहले सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू
लखनऊ। लविवि व सहयुक्त महाविद्यालयों की स्नातक पहले सेमेस्टर की परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गईं। पहले दिन दोनों पालियों में परीक्षा का आयोजन हुआ। इस साल से पहली बार विश्वविद्यालय से संबद्ध हुए रायबरेली, हरदोई, सीतापुर व लखीमपुर खीरी के कॉलेजों में भी परीक्षाएं हो रही हैं। इसके लिए विवि प्रशासन ने अतिरिक्त व्यवस्था भी की है। पहले दिन पहली पाली में सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक बीए फ्रेंच, फंक्शनल संस्कृत, उर्दू, संस्कृत, पाली का पहला पेपर था। वहीं, दूसरी पाली में दोपहर दो से शाम पांच बजे तक बीएससी जियोलॉजी व बीएससी होम साइंस की परीक्षाएं हुईं। परीक्षा को लेकर सतर्कता रही। विद्यार्थियों को गेट पर ही जांच के बाद प्रवेश दिया गया। कोविड नियमों के अनुसार उन्हें निर्धारित दूरी पर बैठाया गया। प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी के नेतृत्व में प्रॉक्टोरियल टीम ने विश्वविद्यालय स्थित केंद्र पर निरीक्षण किया, जबकि अन्य चार जिलों में भी सात टीमें भेजी गईं। परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी ने बताया कि पहले दिन कोई नकलची नहीं पकड़ा गया। पहली पाली में 3420 विद्यार्थी थे, जिसमें से 70 अनुपस्थित रहे। वहीं दूसरी पाली में कुल 6875 परीक्षार्थी थे, जिसमें से 79 अनुपस्थित रहे।