फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: 631 करोड़ से संवरेगा नाइट सफारी का पहला चरण, गुफा जैसा दिखेगा मुख्य द्वार

विज्ञापन
कुकरैल नाइट सफारी का प्रस्तावित मॉडल।
विज्ञापन
लखनऊ। राजधानी के वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। कुकरैल में बनने वाली बहुप्रतीक्षित और अत्याधुनिक नाइट सफारी के निर्माण को सुप्रीम कोर्ट ने हरी झंडी दे दी है। करीब 855 एकड़ में फैली इस भव्य परियोजना के पहले चरण को प्रदेश सरकार से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। इसके लिए 631 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है। अब कोर्ट के फैसले के बाद वन विभाग अगस्त में शिलान्यास कराने की तैयारी में है।
विज्ञापन


परियोजना के जारी मॉडल के अनुसार, नाइट सफारी का मुख्य द्वार बेहद खास गुफा के आकार का होगा। द्वार को पत्थर और लकड़ी के पारंपरिक लुक से सजाया जाएगा, जिस पर हाथी, शेर, हिरण और अन्य वन्यजीवों की आकृतियां उकेरी जाएंगी। प्रवेश करते ही दर्शकों को कृत्रिम झरनों के बीच बैठने की जगह मिलेगी। इसे इस तरह तैयार किया जा रहा है कि दर्शकों को किसी पहाड़ी दर्रे और चारों तरफ बहते झरनों के बीच होने का एहसास हो।
सड़क और पार्किंग की होगी सुविधा
मुख्य द्वार से अंदर की तरफ लगभग एक किमी लंबी शानदार फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। परिसर के अंदर ही 200 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग होगी। पूरे परिसर को इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है कि पर्यटकों को दिन और रात के अंतर का पता ही न चले। पर्यटकों के लिए सफारी के अंदर बेहद उच्चस्तर और लग्जरी व्यवस्थाएं होंगी।
विज्ञापन

500 से 1000 रुपये टिकट की कीमत
सफारी में प्रवेश के लिए टिकट की दरें 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये के बीच रखने की योजना है। सामान्य दिनों में रोजाना 4,000 दर्शक और विशेष त्योहारों या अवसरों पर एक साथ 8,000 दर्शक नाइट सफारी का आनंद ले सकेंगे। कुकरैल सफारी पार्क के निदेशक राम कुमार के अनुसार, हरी झंडी मिलने के बाद अब पहले चरण के काम को दो साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
206 करोड़ का बजट जारी, डीपीआर भी तैयार
कुकरैल नाइट सफारी के निदेशक रामकुमार ने बताया कि नाइट सफारी के निर्माण कार्य के लिए 206 करोड़ का बजट जारी हो चुका है। इसकी डीपीआर भी तैयार है और निर्माण के लिए ठेकेदार का चयन भी कर लिया गया है। बृहस्पतिवार को आदेश की प्रति का अध्ययन करने के साथ ही इसे विभाग की वेबसाइट पर अपडेट किया जाएगा। इसके बाद, विभागीय मंत्री और अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण कार्य की प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

कुकरैल नाइट सफारी का प्रस्तावित मॉडल।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें