प्रदेश सरकार ने उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए जल व वायु प्रदूषण के लिहाज से जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की प्रक्रिया तय कर दी है।
अब उद्यमियों को एनओसी के लिए परियोजना स्थल से पांच किमी के दायरे में पर्यावरणीय स्टेटस व सार्वजनिक स्थलों की विस्तृत नक्शे पर जानकारी देनी होगी।
अनापत्ति आवेदन के लिए प्रदेश में त्रिस्तरीय व्यवस्था भी बना दी गई है। प्रदेश में औद्योगिक परियोजनाओं की स्थापना अथवा क्षमता विस्तार के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है।
बोर्ड जल व वायु प्रदूषण को लेकर अनापत्ति जारी करता है। इस संबंध में अब तक कोई प्रक्रिया तय नहीं थी। इस वजह से उद्यमियों को उद्योगों की स्थापना में काफी दिक्कतें आती थीं।
उद्योग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसी साल पांच मार्च को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उद्योगों की स्थापना में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के मद्देनजर इम्पावर्ड कमेटी की बैठक हुई थी।
इसमें यह मामला उठा था। मुख्य सचिव ने पर्यावरण विभाग को इस संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश जारी करने को कहा था।
अब प्रमुख सचिव पर्यावरण की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। इसमें एनओसी के लिए आवेदन की प्रक्रिया, आवेदन पत्र के साथ जरूरी अभिलेख व अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए जरूरी शुल्क आदि शामिल है।