केंद्र सरकार प्रदेश के गाजीपुर जिले में देश का पहला मेथेनॉल स्टोरेज व बंकरिंग सेंटर स्थापित करने की तैयारी कर रही है। मकसद है पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता कम करना और इसकी जगह मेथेनॉल के प्रयोग को बढ़ावा देना। इनलैंड वाटर अथॉरिटी ऑफ इंडिया को इसके लिए टेंडर निकालने के निर्देश दे दिए गए हैं।
नीति आयोग ने प्रदेश सरकार को प्रयोग के तौर पर 20 हजार परिवारों को मेथेनॉल कुक-स्टोव देने का प्रस्ताव भेजा है। पहले चरण में उज्ज्वला योजना से वंचित 10 हजार पात्र परिवारों को यह कुक-स्टोव देने की योजना है। इसके साथ ही इन परिवारों को मेथेनॉल भी उपलब्ध कराया जाएगा।
एक वर्ष के लिए 300 टन मेथेनॉल की जरूरत होगी। इसके अलावा प्रयोग के तौर पर प्रदेश के 20 गांवों में मेथेनॉल से चलने वाले जनरेटर से बिजली उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। ट्रैक्टर, पंपिंग सेट और अन्य कृषि यंत्रों को डीजल के बजाय मेथेनॉल से चलाने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है।
नीति आयोग में मेथेनॉल पायलट प्रोजेक्ट की कोर कमेटी के सदस्य प्रशांत श्रीनिवास ने ‘अमर उजाला’ को फोन पर बताया कि भविष्य में मेथेनॉल के अधिकाधिक इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए यूपी के गाजीपुर में करीब 10 हजार टन क्षमता का मेथेनॉल स्टोरज व बंकरिंग सेंटर बनाने का प्रस्ताव है। इसके टेंडर के लिए इनलैंड वाटर अथॉरिटी को अधिकृत किया गया है। यह देश का पहला मेथेनॉल स्टोरेज व बंकरिंग सेंटर होगा। यहीं से पूरे प्रदेश में मेथेनॉल की आपूर्ति की जाएगी।