मानसून सीजन में डेंगू का पहला मरीज मिला
जनवरी से अब तक 38 मरीजों को हुआ डेंगू
मानसून सीजन में डेंगू का मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हलचल बढ़ गई है। स्वच्छता और एंटी लार्वा अभियान चलाने के बाद भी अलीगंज इलाकेमें एक बच्चा डेंगू से ग्रसित हो गया है। ऐसे में सीएमओ ने सभी टीमों को संबंधित इलाके में एंटी लार्वा का छिड़काव तेज करने के निर्देश दिए हैं।
राजधानी में जनवरी से अब तक डेंगू के 38, एईएस के 46 और जेई का एक मरीज मिल चुका है। अलीगंज के अहिबरनपुर निवासी अनिल वर्मा के बेटे को पांच दिन से बुखार आ रहा है। उसे विवेकानंद पाली क्लीनिक में भर्ती कराया गया है। डेंगू की जांच के लिए बच्चे का ब्लड सैंपल केजीएमयू भेजा गया, जहां डेंगू की पुष्टि हुई। इसकी जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम संबंधित इलाके में गई और डेंगू से बचने के उपाय बताए। अलीगंज इलाके में एंटी लार्वा स्प्रे भी कराया गया।
एसीएमओ डॉ. केपी त्रिपाठी ने बताया कि सभी टीमों को प्रतिदिन अपने-अपने इलाकेमें एंटी लार्वा का छिड़काव करने का निर्देश दिया गया है। जिस स्थान पर मरीज मिला है, उसके घर के आसपास 100 घरों तक साफ-सफाई और फॉगिंग की जिम्मेदारी नगर निगम और एंटी लार्वा स्प्रे की जिम्मेदारी मलेरिया इकाई को दी गई है।
पुनर्वास विवि, मदरसा और थाने में भी मिले लार्वा
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार को डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विवि, प्रियदर्शिनी स्कूल, मुर्गीखाना स्थित मदरसा उस्मानी और ठाकुरगंज थाने में लार्वा पाए गए। इसके आलावा मुर्गीखाना, दौलतगंज आदि इलाके के आठ लोगों के घरों के कूलर और घड़े में भी लार्वा पाए गए। ये सभी एडीज मच्छर प्रजाति के बताए जा रहे हैं। इन सभी को नोटिस जारी किया गया है। चेतावनी दी गई है कि दोबारा जांच में लार्वा मिले तो जुर्माना लगाया जाएगा।
संवेदनशील इलाकों पर नजर
स्वास्थ्य विभाग ने राजधानी के संवेदनशील इलाकों में लगे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे प्रतिदिन अपने इलाकेकी रिपोर्ट से सीएमओ कार्यालय को अवगत कराते रहें। इसके तहत इलाके में जलभराव, बीमारी की स्थिति आदि की रिपोर्ट देनी है। गोमतीनगर के विभूति खंड, वैभव खंड, विराट खंड, विनीत खंड एवं भरवारा का इलाका संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इसी तरह इंदिरानगर, पटेल नगर, सीतापुर रोड से लगे इलाके, फैजुल्लागंज, खदरा, टुडियागंज, राजाजीपुरम और रेल लाइन सेलगे इलाकोंकी खासतौर से निगरानी की जा रही है।
बारिश का दौर थमने से खतरा ज्यादा
पहली बारिश के बाद धूप होने से मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। नियमित तौर पर बारिश होते रहने से पानी बहता रहता है। ऐसे में लार्वा नहीं पनपते हैं। यही वजह है कि लोगों से कूलर की सफाई करने के लिए कहा जा रहा है। जहां भी पानी थमा है, वहां खतरा है। जहां पानी निक लने का साधन नहीं है, वहां दवा का छिड़काव किया जा रहा है ताकि लार्वा पनपने न पाएं। कूलर के पानी को हर दूसरे दिन बदलते रहें।
- डॉ. केपी त्रिपाठी, प्रभारी, वेक्टर जनित बीमारियां