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बिना इजाजत की आतिशबाजी तो हो सकती है जेल

Tue, 12 Apr 2016 06:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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शादी-ब्याह, बर्थडे समेत सभी सार्वजनिक आयोजनों में 21 अप्रैल से बगैर प्रशासनिक इजाजत के आतिशबाजी करना महंगा पड़ सकता है। बगैर इजाजत के आतिशबाजी करना जेल पहुंचा सकता है।
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केरल के कोल्लम जिले में आतिशबाजी के दौरान हुए हादसे से सतर्क जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है। जिलाधिकारी राजशेखर ने सीआरपीसी की धारा 144 के तहत बिना इजाजत सार्वजनिक स्थल पर किसी भी तरह की आतिशबाजी के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। 21 अप्रैल से यह व्यवस्था लागू होगी।

कोल्लम जैसे हादसे यहां न हों इसको लेकर जिलाधिकारी राजशेखर की अध्यक्षता में सोमवार देर शाम डीएम कैंप कार्यालय में बैठक हुई। डीएम ने बताया कि अब किसी भी तरह के निजी या सामाजिक कार्यक्रम के दौरान आतिशबाजी से पहले आयोजक को संबंधित क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट से इजाजत लेना अनिवार्य होगा।
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बिना अनुमति किसी भी तरह का आतिशबाजी प्रदर्शन संज्ञेय अपराध की श्रेणी में मानते हुए इसका उल्लंघन करने वालों पर सीआरपीसी की धारा 144 के तहत कार्रवाई तय होगी।

ऐसे मिलेगी इजाजत
जहां आतिशबाजी का प्रदर्शन होना है वहां का स्थलीय निरीक्षण कर मुख्य अग्नि शमन अधिकारी व संबंधित पुलिस थाने के एसओ एनओसी देंगे। प्रस्तावित स्थल को सुरक्षित पाए जाने पर संबंधित मजिस्ट्रेट आयोजक को आतिशबाजी की इजाजत देंगे।
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यह भी बताना होगा कहां से की खरीद

जिलाधिकारी ने बताया कि आतिशबाजी प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल में लाई जाने वाली आतिशबाजी सामग्री की खरीद फरोख्त का भी पूरा हिसाब किताब रखा जाएगा।

अनुमति के समय आयोजक को यह बताना जरूरी होगा कि प्रयोग में लायी जाने वाली आतिशबाजी उसने किस आतिशबाज के यहां से खरीदी है।

साथ ही आतिशबाजी सामग्री बेचने वाले थोक व फुटकर विक्रेता के लिए जरूरी होगा कि वह जिस व्यक्ति अथवा संस्था को प्रदर्शन के लिए आतिशबाजी सामग्री बेचे उसका पूरा नाम पता, मोबाइल नंबर व फोटो अपने विक्रय रजिस्टर में दर्ज करे और निरीक्षण के दौरान सत्यापन को उपलब्ध कराए।

हर महीने करें थोक फुटकर दुकानों का सत्यापन
जिलाधिकारी ने सभी अपर न्यायिक मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया है कि वे अपने कार्यक्षेत्र की थोक व फुटकर लाइसेंसी आतिशबाजों के यहां कच्चे माल के भंडारण का भी हर माह स्थलीय सर्वे कर सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर शस्त्र अनुभाग को दें।
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