हमलावरों में से एक ने पिस्टल निकाल ली। नीरज को निशाना बनाते हुए एक के बाद एक पांच फायर किए। नीरज जान बचाने के लिए भागा लेकिन दो गोलियां उसकी कमर के दायीं तरफ धंस गईं। गोलियां चलने से अमीनाबाद के व्यस्त इलाके में भगदड़ व चीख-पुकार मच गई।
भाजयुमो नेताओं ने अस्पताल में किया हंगामा
भाजयुमो नगर मंत्री के भाई पर जानलेवा हमले की खबर से पुलिस-प्रशासन के होश उड़ गए। एएसपी पश्चिम, कैसरबाग, चौक व बाजारखाला सीओ समेत कई थानों की फोर्स घटनास्थल व बलरामपुर अस्पताल पहुंच गई। अस्पताल में भाजयुमो नेताओं का भी जमावड़ा लग गया। हमले के विरोध में भाजयुमो के नेताओं ने हंगामा किया।
अमीनाबाद कोतवाली के इंस्पेक्टर सुनील दुबे ने बताया कि दोनों पक्ष के बीच मंदिर से दवा मार्केट के बीच के पार्किंग ठेके को लेकर विवाद है। पहले यह ठेका नीरज के पास था। वर्तमान में संजय, सुमित उर्फ रीशू सोनकर और आकाश ठेका चला रहे थे। पुलिस का कहना है कि नीरज फिर से पार्किंग ठेका लेना चाहता था जिसे लेकर तनातनी चल रही थी।
दो महीने पहले भी हुआ था विवाद
नीरज के परिवारीजनों ने बताया कि दो महीने पहले भी आरोपियों से विवाद हुआ था। आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। मामला पुलिस के पास भी गया था लेकिन रफा-दफा कर दिया गया। दोनों पक्ष ने लिखित शिकायत नहीं की थी।
अमीनाबाद और कैसरबाग थाना क्षेत्र साम्प्रदायिक और कानून व्यवस्था की दृष्टि से काफी संवेदनशील हैं। यहां किसी भी तरह की छोटी सी वारदात भी बड़ा रूप ले लेती है। शनिवार रात गोलीकांड की खबर मिलते ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के होश उड़ गए। आनन-फानन में पूरे इलाके में पुलिस का जाल बिछा दिया गया।