नाका की हरिनगर दुगावां पुलिस चौकी के पीछे स्थित मकान में शुक्रवार दोपहर भीषण आग लग गई। अग्निकांड से भूतल व पहली मंजिल में रखे तीन सिलेंडर एक के बाद एक करके फट गए। धमाकों से पहली मंजिल की छत व छज्जा ढह गया। दमकल टीम ने डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया।
इंस्पेक्टर विश्वजीत सिंह ने बताया कि मकान के भूतल पर विभा मिश्रा व उनके पति और पहली मंजिल पर निजी कंपनी में सर्वेयर का काम करने वाली रमा मिश्रा दो बच्चों के साथ रहती हैं। रमा के पति की मौत हो चुकी है। शुक्रवार दोपहर वह घर से बाहर थीं तभी पहली मंजिल में आग लग गई।
दोपहर करीब पौने चार बजे लोगों ने घर से धुआं उठते देख अग्निशमन विभाग को सूचना दी। मकान में मौजूद रमा का बेटा पवित्र, विभा मिश्रा व उनके पति जान बचाने के लिए बाहर की तरफ भागे। आग से लाखों रुपये की गृहस्थी व कीमती सामान जल गया।
धुएं से इलाका पट गया। लोगों को सांस लेने में समस्या आई। कई घंटे बाद धुआं छटा तब लोगों ने राहत की सांस ली। आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। लोगों का कहना है कि रसोई गैस के सिलेंडर में लीकेज से आग लगी थी। फायर विभाग की टीम जांच कर रही है।
गली के संकरी होने से नहीं पहुंच सकी दमकल
हजरतगंज फायर स्टेशन के एफएसओ शांतनु यादव ने बताया कि चार दमकल मौके पर भेजी गईं लेकिन मकान संकरी गली में स्थित था इसलिए गाड़ी भीतर नहीं जा सकीं। दमकल बाहर खड़ी करके पानी के पाइप लेकर कर्मचारी गली में पहुंचे। इस बीच रमा के घर पर रखे दो सिलेंडर धमाके के साथ फट गए। धमाका इतना भीषण था कि उनके कमरे की छत व छज्जा ढह गया। लपटें नीचे विभा मिश्रा के हिस्से में पहुंच गईं और उनका सामान भी जलने लगा। विभा के किचन में रखा एक सिलेंडर फट गया। एफएसओ ने बताया कि मकान काफी पुराना और जर्जर था।
गृहस्थी बचाने घुसे बुजुर्ग की बचाई जान
अग्निकांड के वक्त विभा मिश्रा के एक बुजुर्ग रिश्तेदार घर पर मौजूद थे। गृहस्थी का सामान बचाने के लिए वह धू-धूकर जलते हुए मकान में घुस गए। नाका इंस्पेक्टर विश्वजीत सिंह ने उन्हें पकड़कर बाहर निकाला।