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अब जुबली होगा अंग्रेजी माध्यम का स्कूल

Sat, 22 Jun 2019 01:25 AM IST
manoj tiwari न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अंग्रेजी भाषा - फोटो : Pixabay
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लखनऊ। राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में अब अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू होगी। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कक्षा छह से 12 तक में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कराने का निर्देश दे दिया है। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने इसका प्रस्ताव बनाकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भेजा है। इसके अलावा यहां कृषि विज्ञान की पढ़ाई के लिए अत्याधुनिक लैब स्थापित करने की भी तैयारी है।
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राजकीय जुबली इंटर कॉलेज को मॉडल स्कूल के रूप में स्थापित करने के क्रम में इसे इंग्लिश मीडियम किया जा रहा है। अंग्रेजी माध्यम के साथ ही यहां हिंदी माध्यम की भी पढ़ाई समानांतर रूप से पहले की तरह ही चलती रहेगी। प्रदेश का यह पहला राजकीय कॉलेज होगा, जिसमें अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू होगी। शासन की मंजूरी मिलने पर तय होगा कि इसी सत्र से अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई शुरू करानी है या अगले सत्र से। जुबली में कला, वाणिज्य, गणित और कृषि वर्ग में कक्षाएं संचालित होती हैं। अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कराने के लिए यहां अंग्रेजी माध्यम के चयनित अच्छे शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। शिक्षकों का चयन टेस्ट के आधार पर भी हो सकता है। अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के लिए अलग सेक्शन में कक्षाएं संचालित की जाएंगी। उनको केवल अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक ही पढ़ाएंगे। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि राजकीय कॉलेज के छात्र भी निजी स्कूलों की भांति फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकेंगे। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में पठन-पाठन का स्तर इतना ऊंचा किया जाएगा कि इनमें दाखिले के लिए मारामारी होगी।

कृषि विज्ञान की वीआर लैब में आधुनिक शिक्षा
कॉलेज में कृषि विज्ञान की पढ़ाई भी आधुनिक तरीके से होगी। यह पहला राजकीय कॉलेज होगा जिसमें कृषि विज्ञान के लिए आधुनिक लैब की व्यवस्था की जाएगी। इस तरह की लैब निजी कॉलेजों में भी नहीं हैं। इसका प्रस्ताव भी बनाकर निदेशक को भेज दिया गया है। सिटवेदा लैब्स प्राइवेट लिमिटेड संस्था कृषि विज्ञान की आधुनिक तरीक से पढ़ाई के लिए सारे संसाधन उपलब्ध कराएगी। संस्था द्वारा वर्चुअल रिअलटी लैब की स्थापना की जाएगी। यह अपनी तरह की अनोखी लैब है जो राजधानी के किसी भी निजी कॉलेज में नहीं है। इसके तहत छात्रों को हेड माउंटेड डिस्प्ले दिया जाता है। इस यंत्र के जरिए छात्रों के सामने विभिन्न विडियो चलते हैं, लेकिन छात्रों को आभास होता है कि वे भी उन पिक्चर में शामिल हैं। इसके अलावा उन्हें विशेषज्ञ उपलब्ध कराए जाएंगे जो कृषि की क्लास लेंगे।
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राजकीय जुबली : एक नजर में
सन 1885 में तत्कालीन प्रख्यात समाजिक कार्यकर्ता मुंशी नवल किशोर ने स्कूल की स्थापना के लिए इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल अवध को प्रस्ताव भेजा। इसके बाद कई मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता और स्वंयसेवी संस्थाएं अनुदान लेकर आगे आईं।मल्लिका जहां बारादरी को कॉलेज खोलने के लिए हैंडओवर किया गया। इस तरह से 24 मार्च 1887 में इसकी स्थापना हुई। क्योंकि क्वीन विक्टोरिया के शासनकाल की जुबली पर इस कॉलेज की स्थापना का प्रयास किया गया, इसलिए कॉलेज के नाम के आगे जुबली जुड़ गया। 8 अगस्त 1907 में कॉलेज शिक्षा विभाग के नियंत्रण में आया, जिसके बाद राजकीय जुबली हाई स्कूल कहलाने लगा। 1922 में इसे इंटर की मान्यता मिली। कॉलेज के पूर्व छात्रों में कई विख्यात हस्तियां शामिल हैं, जिन्होंने देश-विदेश में नाम कमाया है। खासकर मेडिकल के क्षेत्र में। एक समय पर पूरे प्रदेश में विज्ञान की सबसे अच्छी पढ़ाई यहीं पर होती थी। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा 1981 बैच के छात्र रहे हैं।

निजी को टक्कर देंगे सरकारी स्कूल
सरकारी स्कूल भी अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूलों को टक्कर देंगे। जुबली में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कराई जाएगी, इसके लिए डीआईओएस को कहा है कि वह प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजें। हम यहां पर सारे अत्याधुनिक संसाधन विकसित करेंगे। इसके अलावा यहां पर साइंस फैकल्टी भी विकसित की जाएगी।
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- डॉ. दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री

 
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