शक्ति भवन विस्तार के द्वितीय तल पर रविवार सुबह करीब नौ बजे रहस्यमय हालात में आग लग गई। देखते ही देखते लपटों और धुएं ने 14 मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। पांचवें और छठे तल पर 14 कर्मचारी बिल्डिंग में ही फंस गए। करीब 20 मिनट तक कर्मचारी चीखते-चिल्लाते रहे। दमकल कर्मियों ने हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से उनकी जान बचाई।
एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग से वहां पर अहम दस्तावेजों के जलने की बात कही जा रही है। हालांकि पीआरओ केके सिंह ‘अखिलेश’ ने जारी विज्ञप्ति में दावा किया कि फाइलें सुरक्षित हैं कोई बड़ी क्षति नहीं हुई है। फिलहाल इस मामले में जांच समिति गठित कर दी गई है।
शक्ति भवन के पीआरओ केके सिंह ‘अखिलेश’ ने बताया कि रविवार होने की वजह से ज्यादातर कर्मचारी छुट्टी पर थे। सिर्फ पांचवें तल पर अलग-अलग शिफ्टों में 24 घंटे काम चलता है। ट्रांसमिशन विभाग के द्वितीय तल पर कमरा नंबर 208 में आग लगी। फायर अलार्म के जरिये सिविल विभाग के फायर कर्मचारियों को इसका पता चला। इसके बाद मॉडर्न कंट्रोल रूम और अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना दी गई।
फंस गए थे ये 14 कर्मी
फायर विभाग की टीम पहुंचती इससे पहले लपटों ने द्वितीय तल को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। बिल्डिंग से नीचे उतरने के सभी रास्तों, जीने और लिफ्ट तक में धुआं भर गया। पांचवें तल पर काम कर रहे 14 कर्मचारी जितेंद्र सिंह, अर्पण गुप्ता, अविशांत सिंह, शादाब, मो. आरिफ, कन्हैया भगत, घनश्याम, पवन, मो. नईम अहमद, रितु वर्मा, दीपक सिंह, जितेंद्र कुमार , सुनील कुमार , सचिन संदूर को नीचे उतरने का रास्ता नहीं दिखा तो वे सभी खिड़कियों और टेरेस पर लटक गए।