लखनऊ। केजीएमयू में दंत संकाय की ओरल पैथोलॉजी विभाग में शुक्रवार को आग लगने से हड़कंप मच गया। इस दौरान बीडीएस और एमडीएस के विद्यार्थियों की कक्षाएं चल रही थी। धुआं भरने से कुछ छात्रों की हालत बिगड़ने लगी। डॉक्टर और कर्मचारियों ने उन्हें बाहर निकाला। अधिकारियों ने आग लगने की वजह एसी में शॉर्ट सर्किट बताई है। जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी कमेटी बनाई गई है।
पुराने डेंटल भवन के चौथे तल पर मौजूद ओरल पैथोलॉजी विभाग में सुबह करीब 11:30 बजे अचानक सेमिनार हॉल और कक्षा में धमाका हुआ। कुछ ही देर बाद धुआं भरने से सांस लेने में तकलीफ होने लगी। भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग खांसते हुए बाहर आए तो गैलरी में कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।
विभाग की अध्यक्ष डॉ. शालिनी गुप्ता ने खिड़कियां खोलना शुरू किया। कर्मचारियों को बिजली की मुख्य लाइन व स्विच बंद करने के निर्देश दिए। विभागाध्यक्ष, सहयोगी डॉक्टरों और कर्मचारियों ने अग्निशमन यंत्र से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसके बाद सभी छात्र-छात्राओं को सुरक्षित निकाला गया।
एक घंटे की जद्दोजहद के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घटना के बाद केजीएमयू के अफसर मौके पर पहुंचे। प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक, कमेटी आग लगने के कारण की जांच कर रही है।
घटना के बाद दंत संकाय प्रशासन ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा। इसमें बताया गया कि पुराने भवन में लगे एसी बहुत पुराने हैं। भीषण गर्मी में इनमें ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट की आशंका बनी रहती है। उपकरणों की जांच कराने की मांग की गई। भवन में फायर सेफ्टी सिस्टम और मजबूत करने की भी बात की गई।