ऊंचाहार (रायबरेली)। रोहनिया विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मवई में शनिवार को खाना बनाते समय गैस सिलिंडर के रेगुलेटर में रिसाव के चलते आग लग गई। खाना बना रही एक रसोइया झुलस गई। घटना से स्कूल में अफरातफरी मच गई। बच्चे सहम गए और इधर-उधर भागने लगे। शिक्षकों ने 96 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। आग से रसोई घर में रखे मसाले और अनाज जलकर राख हो गया।
प्राथमिक विद्यालय मवई में परीक्षाफल वितरित किया जाना है। इसलिए 96 बच्चे उपस्थित थे। विद्यालय में पांच शिक्षकों के साथ ही दो रसोइया भी कार्यरत हैं। परीक्षाफल वितरण की तैयारी चल रही थी। दूसरी तरफ रसोई घर में रसोइया खाना बना रही थी। इसी बीच गैस सिलिंडर के रेगुलेटर में रिसाव हुआ और आग लग गई।
खाना बना रही पूरे कुर्मिन मजरे मवई निवासी रसोइया आशा देवी ने आग बुझाने का प्रयास किया तो वह झुलस गई। तुरंत बाहर निकल कर भागी। आग लगते ही बच्चे सहम गए और इधर-उधर भागने लगे। इस पर शिक्षकों ने बच्चों को स्कूल से बाहर निकाला। रसोइया को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रोहनिया भेजा गया।
चीखपुकार मचने पर आसपास के ग्रामीण भी जमा हो गए। शिक्षकों और ग्रामीणों ने दूर से ही आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सिलिंडर फटने का डर भी बना रहा। घटना की खबर फायर ब्रिगेड को दी गई। इस पर एनटीपीसी ऊंचाहार और फायर स्टेशन सलोन से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची।
दमकल कर्मियों ने आग बुझाई तो सभी ने राहत की सांस ली। फिर परीक्षाफल वितरण कराया गया। रोहनिया विकास क्षेत्र के प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष पवन शुक्ला ने बताया कि सिलिंडर के रेगुलेटर में गैस रिसाव के चलते आग लगी, जिसकी चपेट में आने से रसोइया झुलस गई। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार सिंह का कहना है कि हादसे की जांच कराई जाएगी।
20 मिनट तक नहीं मिला फोन, एक घंटे बाद पहुंची दमकल
एक तरफ स्कूल में आग लगी थी। शिक्षक अग्निशमन विभाग के कंट्रोल रूम नंबर 101 में फोन मिलाते रहे। तकरीबन 20 मिनट तक फोन नहीं मिला। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति मौके पर पहुंचा। उसने अग्निशमन विभाग के एक कर्मचारी को फोन मिलाकर आग लगने की सूचना दी। इसके बाद करीब एक घंटे बाद दमकल के जवान मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। विभाग का फोन न मिलने पर शिक्षकों और आसपास के लोगों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि गनीमत रही कि आग जल्दी बुझा ली गई।