गुडंबा थाने में पिता-पुत्र सहित सात लोगों पर एमबीबीएस में प्रवेश कराने के नाम पर 31 लाख की ठगी का आरोप लगा है।
पीड़ित का आरोप है कि जालसाजों ने दावा किया था कि उसका प्रवेश राजस्थान के उदयपुर के गीतांजलि विश्वविद्यालय में दिला देंगे। रुपये वापस मांगने पर उसकी पिटाई की। पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।
प्रभारी निरीक्षक गुडंबा कुलदीप सिंह गौर के मुताबिक, पूर्वांचलनगर निवासी सुनील कुमार ने बताया कि वह एमबीबीएस में प्रवेश के लिए तैयारी कर रहे हैं।
उनका परिचय बाराबंकी के अनूप कुमार वर्मा से पहले से था। कुछ वक्त पहले अनूप ने अपने परिचित के जरिये विश्वविद्यालय में प्रवेश दिलाने का दावा किया।
इसके बाद अनूप ने सुनील की मुलाकात बाराबंकी के फतेहपुर रोड निवासी अशोक से कराई। अशोक ने बताया कि राजस्थान के गीतांजलि विश्वविद्यालय प्रबंधन में उसके कई परिचित हैं।
स्ववित्तपोषित सीट पर दाखिला मिल जाएगा। इसके बाद सुनील से शैक्षिक प्रमाण पत्र और दस्तावेज मांगे।
जमीन बेची, परिचितों से लिया उधार
सुनील के मुताबिक, प्रमाण पत्र लेने के बाद अशोक व अनूप ने 65 लाख रुपये खर्च होने की बात कही। इसमें एक सत्र की फीस शामिल होने की बात कही। एमबीबीएस में प्रवेश के लिए परिवारीजन जमीन बेचने को तैयार हो गए। उससे मिली रकम और कुछ परिचितों से उधार रुपये मांगे। करीब 31 लाख रुपये सुनील ने आरोपियों को दिए। बाकी रकम प्रवेश पत्र मिलने के बाद देने की बात तय थी।
दो लोगों को विश्वविद्यालय कर्मी बनकर मिलाया
सुनील के मुताबिक, आरोपियों ने दो लोगों से उसकी मुलाकात कराई थी। बताया कि ये विवि रजिस्ट्रार के दफ्तर में काम करते हैं। सारी प्रक्रिया इन्हीं के जरिये होती है। आरोपियों के कहने पर वह उदयपुर स्थित विश्वविद्यालय भी गया था, जहां पहुंचने पर पता चला कि उसका दाखिला नहीं हुआ है। इसके बाद रुपये लौटाने के लिए कहा तो आरोपी टालमटोल करने लगे। दबाव बनाने पर पीड़ित को जमकर पीटा। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, सुनील की तहरीर पर अनूप, अशोक वर्मा, उसके भाई दिनेश वर्मा, दिनेश के बेटे हिमांशु वर्मा सहित सात पर केस दर्ज कर लिया गया है।