विभागीय जांच में बचाने के नाम पर इंस्पेक्टर से ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित इंस्पेक्टर ने जेसीपी कानून व्यवस्था पीयूष मोर्डिया से गुहार लगाई। इसके बाद विभूतिखंड थाने में ओमेक्स हाइट ब्लूमबर्ग टॉवर निवासी उपेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विभागीय जांच में बचाने के नाम पर इंस्पेक्टर अनिल प्रताप सिंह से ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित इंस्पेक्टर ने जेसीपी कानून व्यवस्था पीयूष मोर्डिया से गुहार लगाई। इसके बाद विभूतिखंड थाने में ओमेक्स हाइट ब्लूमबर्ग टॉवर निवासी उपेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड डॉ. आशीष मिश्रा के मुताबिक, अनिल प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर हैं। अनिल ने बताया कि एक विभागीय जांच के कारण जून 2018 से सितंबर 2018 तक वह आईजी जोन कार्यालय लखनऊ में संबद्ध थे।
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चिनहट निवासी उनके मौसेरे भाई सुग्रीव सिंह के जरिये ही उपेंद्र से मुलाकात हुई थी। उपेंद्र ने जांच खत्म कराने के नाम पर 13.80 लाख रुपये लिया था, जबकि इससे पहले ही विभागीय जांच खत्म हो गई। जब रकम वापसी के लिए कहा गया तो उपेंद्र ने तीन बार में एक लाख रुपये ही लौटाए। बाकी 12.80 लाख देने के नाम पर टालमटोल करता रहा। छह अगस्त को अनिल ने कॉल की तो उपेंद्र जान से मारने की धमकी देने लगा। इसके बाद उन्होंने जेसीपी कानून व्यवस्था से शिकायत की।