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फर्जी कागजातों से 89.50 लाख रुपये का लोन हड़पने में दंपती के खिलाफ केस

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फर्जी कागजातों से 89.50 लाख रुपये का लोन हड़पने में दंपती के खिलाफ केस
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अलीगंज थाने में भारतीय स्टेट बैंक की कपूरथला शाखा के मुख्य प्रबंधक आशुतोष श्रीवास्तव ने गोमतीनगर निवासी अशोक शुक्ला व उनकी पत्नी स्नेहलता शुक्ला पर फर्जी कागजातों से 89.50 लाख रुपये का लोन लेकर हड़पने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
इंस्पेक्टर फरीद अहमद ने बताया कि अशोक व उसकी पत्नी ने तीन लोन लिए थे। केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
मुख्य प्रबंधक का कहना है कि गोमतीनगर के विनम्रखंड निवासी अशोक मेसर्स मॉडल डेयरी फर्म के नाम से दूध व दूध के उत्पाद बनाने का काम करता थ।
जबकि उसकी पत्नी स्नेहलता मेसर्स पूजा ट्रेडिंग कंपनी के नाम से भवन निर्माण सामग्री की सप्लाई और स्टील फैब्रिकेशन का काम करती थीं।
दंपती ने वर्ष 2015 में तत्कालीन स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर की अलीगंज शाखा से 40 लाख रुपये आवास के नाम पर, 40 लाख रुपये अपनी पत्नी की कंपनी मेसर्स पूजा ट्रेडिंग के नाम से कैश क्रेडिट व 950000 रुपये वाहन लोन लिया था।
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भारत सरकार ने उक्त शाखा को फरवरी 2017 में भारतीय स्टेट बैंक में विलय कर दिया था। आवास ऋण के लिए अशोक ने कानपुर रोड पर सेक्टर एच एलडीए कॉलोनी स्थित एमआईजी मकान को बंधक रखा था।
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दोनों ने अपने व्यवसाय से संबंधित बैलेंस शीट व अन्य कागजात तथा तीन साल की आयकर रिटर्न की प्रतिलिपियां, आधार कार्ड, पैन कार्ड बैंक शाखा में जमा किया था।
लोन की रकम प्राप्त होने के बाद दंपती ने किस्तें नहीं जमा कीं। इस बीच स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर का भारतीय स्टेट बैंक में विलय हो गया।
भारतीय स्टेट बैंक ने तीनों ऋण खातों की जांच कराई तो पता चला कि अशोक व स्नेहलता ने फर्जी कागजातों के जरिए लोन लिया था।
दोनों ने इसी तरीके से यूको बैंक व केनरा बैंक से भी आवास ऋण लिया था। अशोक शुक्ला ने लोन लेकर जो एसयूवी खरीदी थी, उसका भी कुछ पता नहीं चल रहा है।
वर्तमान में दोनों अपने गोमतीनगर स्थित घर से भी गायब हैं और किसी और मकान में रह रहे हैं।
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