हमले में घायल त्रिलोकी सिंह।
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लखनऊ पुलिस के दरोगा ने दावा किया कि हाथापाई के बाद उन्होंने तेंदुए को एक किचन में बंद कर दिया। तेंदुए पर दिए गए दरोगा के बयान का ये वीडियो तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हुआ। लोग तेंदुए के साथ आमने-सामने फायरिंग के बयान पर खूब मजे ले रहे हैं। आशियाना थानाध्यक्ष त्रिलोकी सिंह एक वीडियो में बयान देते नजर आ रहे हैं कि ‘मैंने उसे घेर लिया। फिर आमने-सामने फायरिंग के बाद तेंदुए के साथ हाथापाई भी हुई। इसके बाद मैंने बल प्रयोग करते हुए किचन में बंद कर दिया..।’ वहीं वन्यजीव प्रेमी इस बयान पर काफी गुस्से में हैं।
ताबड़तोड़ फायरिंग से गूंजा औरंगाबाद
बृहस्पतिवार की दोपहर दो बजे से आशियाना औरंगाबाद के खालसा इलाके के मैदान मे सीवरेज पाइपों के बीच दुबका बैठा तेंदुआ शनिवार तड़के करीब सवा पांच बजे जाल काटकर भाग निकला। विभाग ने तीन स्तरीय जाल जरूर लगाया था, लेकिन पंजों और दांतों से जाल काटकर तेंदुआ नाले की ओर भागा। विभागीय कर्मचारी जब इधर-उधर मशगूल थे और गाड़ियों में बैठे थे, उसी समय तेंदुए की मूवमेंट ने लोगों को चौंकाया।
स्थानीय निवासी अभिषेक ने देखा तो लोगों को सूचना दी। इस बीच सुबह 6 बजे से पहले तेंदुआ सलीम खान की छत और नजदीकी प्लाट में टहलते दिखा। लोगों की चीख-पुकार से जागे लोगों ने उसे दौड़ाना शुरू किया, घरों में लोग थाली पीटने लगे। तभी तेंदुए ने मुन्ना के पैर में पंजा मारकर उसे घायल कर दिया और गुड्डू के घर की छत, आजिम और एक अन्य के प्लाट से कूदता हुआ सगीर खान के घर में छलांग लगा गया।
वहां रफी पुत्र रजी के कंधे और हाथों पर पंजा मारकर नोच लिया। इलाकाई लोगों के मुताबिक, इस बीच सूचना पाकर पहुंचे इंस्पेक्टर आशियाना त्रिलोकी सिंह ने उस पर फायर कर दिया। तभी फायरिंग की कई आवाजें आसपास इलाकों से भी गूंजीं। लेकिन छलांग मारता हुआ तेंदुआ पलक झपकते ही शरीफ के मकान में घुस गया।
वन विभाग व पुलिस बल समेत क्रेन व ड्रोन की मदद से पाइपों के बीच भले ही किसी को न पता चला हो कि वो कहां बैठा है। लेकिन उसकी मौत केबाद पहुंचे लोगों ने जब वहां देखा तो पाया कि पाइपों के किनारे दो गहरे गड्ढे थे जिसमें पानी था। वह उन्हीं गड्ढों में बैठा रहा होगा।
इंटर का छात्र नहीं दे पाया एग्जाम
तेंदुए के हमले में घायल इंटर का छात्र रजी पुत्र रफी शनिवार को परीक्षा नहीं दे सका। उसे लोकबंधु अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
बुजुर्ग महिला की दहशत में मौत!
दहशत की वजह से एक 65 वर्षीय महिला झुलई की मौत की बात भी सामने आ रही है, घरवालों ने दावा किया है कि तेंदुए की दहाड़ व दहशत से उसकी मौत हो गई। पति मुहर्रम अली ने बताया कि उसकी पत्नी दिल की मरीज थी, जिसके चलते उसकी मौत हुई है। मोहल्ले वालों ने बताया कि जिस समय तेंदुए की मूवमेंट हुई वो घर में थीं। उधर, तेंदुए ने जिस समय शरीफ के घर मेें करीब पौने घंटे तक उत्पात बचाया उस समय उनके घर के बच्चे स्कूल जाने के लिए उठे ही थे। तेंदुए की दहाड़ सुनने के बाद उन्होंने बच्चों को एक कमरे में ले जाकर बंद कर दिया था।
वनकर्मियों और पत्रकारों पर ग्रामीणों का हमला
पुलिस और ग्रामीण एक ओर तेंदुए को दौड़ाने में जुटे थे तो गुस्साए लोग अचानक वनकर्मियों पर ही टूट पड़े। वन विभाग और जू के वाहनों पर पथराव कर दिया। जब तक वाहनों के भीतर लोग कुछ समझ पाते तब तक करीब 200 लोगों ने पूरा मैदान घेर लिया और ट्रैक्टर समेत वन विभाग के वाहनों और स्टाफ पर पथराव कर दिया। लोगों ने वनकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगा उन्हें दौड़ा लिया। जद में पूरी रेस्क्यू टीम आ गई। टीम को मुख्य सड़क तक खदेड़ दिया। बवाल की सूचना पर पहुंचे मीडियाकर्मियों पर भी लोग भड़क गए। एक दैनिक अखबार के कैमरामैन का कैमरा छीनने के प्रयास के अलावा उसके सिर पर लोगों ने डंडा मारकर घायल कर दिया। दो वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए।