बाण सागर परियोजना 1997-98 में स्वीकृत हुई थी। इस परियोजना को पूरा करने के लिए 300 करोड़ रुपये की जरूरत है। इसमें से 83 करोड़ रुपये केंद्रांश है, जबकि 217 करोड़ रुपये की व्यवस्था राज्य सरकार को करनी है। इस परियोजना के पूरा होने पर मिर्जापुर और इलाहाबाद के किसानों को सिंचाई का संकट खत्म हो जाएगा। करीब 1.50 लाख हेक्टेयर जमीन की और सिंचाई हो सकेगी। योगी सरकार ने इस परियोजना को मार्च 2018 में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
मध्य गंगा परियोजना में 12 डार्क जोन शामिल
मध्य गंगा नहर परियोजना का दूसरा चरण भी वर्ष 2008-09 से अटका है। इस परियोजना के पूरा होने पर उसका लाभ अमरोहा, संभल और मुरादाबाद के किसानों को मिलेगा। इन तीन जिलों की 1.86 लाख हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। परियोजना पर 31 मार्च 2017 तक 1006 करोड़ रुपये खर्च हो चुके थे, जिसे पूरा करने के लिए अब 3411 करोड़ रुपये की और जरूरत है। इस परियोजना की उपयोगिता इससे समझ सकते हैं कि इसके तहत 12 डार्क जोन घोषित ब्लॉक भी शामिल हैं।
तीनों बांधों को जोड़कर पूरी होगी अर्जुन सहायक परियोजना
बुंदेलखंड की बहु प्रतीक्षित अर्जुन सहायक परियोजना के तहत चंद्रावल बांध, अर्जुन और कबरई बांध को जोड़ा जाना है। इससे महोबा, हमीरपुर और बांदा की 44 हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई हो सकेगी। इस परियोजना को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को 1575 करोड़ रुपये की और जरूरत है, जबकि 123 करोड़ रुपये केंद्रांश के रूप में मिलेगा। महज 806 करोड़ रुपये लागत की इस परियोजना पर अब तक 890 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
परियोजना--स्वीकृत वर्ष--मूल लागत--व्यय--संशोधित लागत
सरयू नहर--1978--78 करोड़--5185 करोड़--9802 करोड़
बाण सागर--1997-98--330 करोड़--2951 करोड--3862 करोड़
कनहर सिंचाइ--1978-79--27.75 करोड--990 करोड--2239 करोड़
अर्जुन सहायक--2009-10--806.50 करोड़--890 करोड़--2593 करोड़
मध्य गंगा--2008-09--1060 करोड़--1006 करोड़--4417 करोड़
सोनभद्र के दुद्धी व चोपन में जल्द लहलहाएंगी फसलें
सोनभद्र में सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए स्वीकृत कनहर सिंचाई परियोजना भी अब जल्द पूरी होगी। 1978-79 में स्वीकृत इस परियोजना को पूरा करने के लिए 1249 करोड़ रुपये की जरूरत है। इससे सोनभद्र के दुद्धी और चोपन ब्लॉक के 108 गांवों के किसानों को पानी मिल सकेगा।
नाबार्ड से कर्ज लेकर की गई धन की व्यवस्था
सरकार ने इन परियोजनाओं के लिए जरूरी राशि की व्यवस्था नाबार्ड से लोन लेकर की है। इसमें मध्य गंगा के लिए 3310 करोड़ रुपये, अर्जुन सहायक परियोजना के लिए 1479 करोड़ रुपये, कनहर सिंचाई परियोजना के लिए 1038 करोड़ रुपये और सरयू नहर के लिए 2450 करोड़ रुपये का लोन नाबार्ड से लिया जाएगा। वहीं, बाण सागर परियोजना राज्य सरकार अपने संसाधन से पूरी करेगी।