शिया वक्फ के 130 मुतवल्लियों व अनधिकृत व्यक्तियों पर वक्फ संपत्तियों के साथ खुर्द-बुर्द (खरीद फरोख्त) करने का आरोप साबित हुआ है। गुरुवार को शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने इन सभी मुतवल्लियों के खिलाफ एफआईआर कराने, रजिस्ट्री रद्द करने और कब्जा लेने के निर्देश दिए हैं।
इनमें प्रमुख रूप से उद्योगपति विजय माल्या, रामपुर के नवाब काजिम अली व पूर्व वक्फ मंत्री के भाई साहिल इस्लाम शामिल हैं।
हालांकि, शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड को मिली शिकायत के मुताबिक 300 वक्फ संपत्तियों के मामलों में गड़बड़ी है, जिनकी जांच कराई जानी है। पर, अभी 130 मामलों की ही जांच पूरी हुई है। जांच में पाया गया है कि मुतवल्लियों ने वक्फ की जमीन बेचकर उसकी रजिस्ट्री तक करा ली है।
चेयरमैन वसीम रिजवी ने बताया कि पूर्व वक्फ मंत्री के भाई बरेली के साहिल इस्लाम पर भी करोड़ों की वक्फ जमीन को अवैध रूप से बेचने और उसकी रजिस्ट्री कराने का मामला साबित हुआ है।
विजय माल्या व सैबी मिलर के एमडी सुलभ सेठ और काजिम अली खां उर्फ नावेद अली सहित 127 के खिलाफ भी जमीन बेचने के सुबूत मिले हैं। इन पर आरोप साबित हुए हैं।