इंडियन बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक ने हजरतगंज थाने में दर्ज कराई थी एफआईआर
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ।
सौर ऊर्जा के कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी से आईएएस अधिकारी के लिए रिश्वत लेने के आरोपी निकांत जैन के खिलाफ हजरतगंज थाने में दर्ज धोखाधड़ी की एफआईआर की विवेचना अब आर्थिक अपराध शाखा करेगी। निकांत, उसके भाई व एक अन्य पर इंडियन बैंक (पूर्व में इलाहाबाद बैंक) के शाखा प्रबंधक आशीष जिंदल ने केस दर्ज कराया था।
एफआईआर के मुताबिक आरोपियों की कंपनी मेसर्स एसएसजे एग्रोटेक प्रा. लि. की ओर से वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत मिली थी। वर्ष 2017 में इलाहाबाद बैंक से सुकांत, निकांत और वैशाली जैन ने कंपनी के नाम से सरोसा भरोसा और राम सनेही घाट बाराबंकी की जमीन बंधक रखी थी। इसके आधार पर कर 27 नवंबर 2017 को बैंक से चार करोड़ रुपये लोन लिया था, जिसे हड़प लिया गया। डीसीपी मध्य आशीष श्रीवास्तव ने मामले की विवेचना आर्थिक अपराध शाखा से कराने के लिए संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध को पत्र लिखा था। इस पर संयुक्त पुलिस आयुक्त ने संस्तुति कर दी है। उल्लेखनीय कि आरोपियों के खिलाफ हजरतगंज में 4 जून को केस दर्ज किया गया था। इसके पहले वजीरगंज थाने में भी निकांत पर धोखाधड़ी की एफआईआर हुई थी, जिसमें वह जेल में बन्द है।