बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में रिटायर्ड शिक्षक सैयद मसूद हसन रिजवी को आत्मदाह की कोशिश के लिए मजबूर करने वाले वित्त एवं लेखाधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी को निलंबित कर दिया गया है।
लेखाधिकारी पर रिजवी के बकाया देयों के भुगतान में जानबूझकर देरी करने का आरोप है।
इस मामले की जांच कोषागार निदेशक को सौंपी गई है।
गौरतलब है कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय छावनी मड़ियाव से 30 जून 2013 को रिटायर हुए रिजवी ने 30 अक्तूबर को वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय कक्ष में आत्मदाह का प्रयास किया था।
क्या था पूरा मामला जाने यहां...
विशेष वित्त सचिव डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि शासन स्तर पर इस प्रकरण के तथ्यों व अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद यह पाया गया कि आशुतोष ने रिजवी के रिटायरमेंट देयों के भुगतान में जानबूझकर देरी की है।
कई अन्य शिक्षकों का भी आरोप है कि उनसे बकाया भुगतान देने के नाम पर वसूली की जाती है।
इसके लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों का एक संगठित गिरोह काम करता है।
इसमें सालों से जमे लेखा और बीएसए दफ्तर के कुछ लिपिकों की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जाती है।