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पुनर्वास विविः अंतिम वर्ष की परीक्षा की डेट जारी, दो-दो घंटे के होंगे पेपर

Fri, 14 Aug 2020 05:09 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विवि के फाइनल ईयर के एग्जाम 10 सितंबर से होंगे। परीक्षा विवि में ही तीन पालियों में होगी और पेपर दो-दो घंटे के होंगे। परीक्षा में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए तैयारियां भी तेज हो गई हैं।
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विवि ने पिछले दिनों अगस्त में फाइनल ईयर के एग्जाम करने का निर्णय लिया था। इस क्रम में परीक्षा फॉर्म भरवाए गए और स्टूडेंट्स को दिक्कत न हो इसके लिए उनसे अपने जिले के पास का विकल्प मांगा ताकि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से सहयोग कर वहां परीक्षा आयोजित की जा सके।

किंतु स्टूडेंट्स अपने आस-पास के जिलों में परीक्षा नहीं चाहते हैं। वो लखनऊ में ही परीक्षा चाहते हैं। यही वजह है कि 1900 में 1000 छात्रों ने लखनऊ और 400 ने बाराबंकी का विकल्प दिया है। विद्यार्थियों के अनुसार इस संक्रमण काल में बार-बार आना-जाना सुरक्षित नहीं है।
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स्पेशल बैक 24 से, अटेंडेंस नहीं फोटोग्राफी होगी

वहीं, इस समय कहीं किसी परिचित के यहां भी नहीं जाया जा सकता। यही वजह है कि हमने विवि में ही परीक्षा के विकल्प को प्राथमिकता दी है। यहां हॉस्टल सुरक्षित है और मेस की भी व्यवस्था रहेगी। रजिस्ट्रार अमित कुमार सिंह ने बताया कि 10 सितंबर से परीक्षा प्रस्तावित है। विद्यार्थियों की मांग और उनकी जरूरत को देखते हुए परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जल्द ही इसका कार्यक्रम जारी किया जाएगा। 

फाइनल ईयर से पहले विवि 24 अगस्त से स्पेशल बैक की परीक्षा आयोजित करेगा। रजिस्ट्रार अमित कुमार सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए अटेंडेंस नहीं होगी बल्कि उनकी फोटोग्राफी कराई जाएगी। इसी क्रम में परीक्षा के लिए एक बड़े हॉल में सिर्फ 15 स्टूडेंट्स होंगे। मास्क और सैनिटाइजर अनिवार्य किया गया है।
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विवि ने शुरू की पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप

डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय ने शोध को बढ़ावा देने के लिए पोस्ट डाक्टोरल फेलोशिप योजना शुरू की है। कुलपति प्रो. राणाकृष्ण पाल सिंह ने कहा कि भौतिकीय एवं रसायनिक विज्ञान के क्षेत्र में देश के युवा वैज्ञानिकों द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व के विषयों पर उच्चस्तरीय शोध करने एवं शोध परिणामों को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रयोग करने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की गई है।

साथ ही यह पुनर्वास के क्षेत्र में अभिनव अनुसंधान को प्रोत्साहित करने और पुनर्वास एवं समेकित शिक्षा विषय पर विश्वविद्यालय जूनियर रिसर्च फेलोशिप योजना भी आरंभ की गयी है। उन्होंने बताया कि उक्त योजनाओं का विस्तृत विवरण विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर उपलब्ध है। विश्वविद्यालय का समेकित शिक्षा के साथ-साथ शोध के क्षेत्र में नयी पहचान स्थापित की जा सके इसके लिए विश्वविद्यालय प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में जुलाई में विश्वविद्यालय द्वारा भौतिक विज्ञान में पहली पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इससे शोधार्थी भी प्रोत्साहित हुए हैं।
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