मुख्यमंत्री योगी लखनऊ के सिविल अस्पताल पहुंचे और तैयारियों को परखा।
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प्रदेश में सोमवार को कोरोना टीकाकरण का अंतिम पूर्वाभ्यास (फाइनल ड्राई रन) संपन्न हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में इस टीकाकरण का खुद निरीक्षण किया। इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये लखनऊ, गोरखपुर, मेरठ, सिद्धार्थनगर और वाराणसी के जिलाधिकारियों व मुख्य चिकित्साधिकारियों से वैक्सीन की कोल्ड चेन, भंडारण, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और टीकाकरण बूथ के संबंध में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने सिविल अस्पताल में हुए अंतिम पूर्वाभ्यास पर संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के बाद आयोजित बैठक में उन्होंने 16 जनवरी से प्रदेश भर में शुरू होने वाले कोरोना वैक्सीनेशन अभियान के संबंध में जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिस तरह सबके सहयोग से कोविड-18 वायरस के संक्रमण को नियंत्रित करने में सफलता मिली है, उसी तरह कोरोना वैक्सीनेशन अभियान को भी पूरी प्रतिबद्धता से संचालित किया जाए। इसमें अब तक हुए पूर्वाभ्यास बहुत उपयोगी सिद्ध होंगे। इस वैक्सीनेशन में स्वास्थ्य विभाग नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा।
उन्होंने 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं को और बेहतर करने के निर्देश दिए। इसके लिए एंबुलेंस सेवाओं को मंडल स्तर पर विकेंद्रित करते हुए इनका सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव आरके तिवारी व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
1477 टीकाकरण केंद्रों पर हुआ पूर्वाभ्यास
प्रदेश में सोमवार को 1477 टीकाकरण केंद्रों पर पूर्वाभ्यास किया गया। इस दौरान प्रत्येक सत्र में 15 लाभार्थी मौजूद थे। वैक्सीनेशन के 30 मिनट बाद लाभार्थी को घर भेजा गया। प्रदेश मुख्यालय से सभी जिलों की निगरानी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। लखनऊ में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, मंडलायुक्त रंजन कुमार, पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय और जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने पूर्वाभ्यास का निरीक्षण किया।
कोविन पोर्टल चलने में इंटरनेट बना कई जगह बाधा
प्रदेश में कई जगहों पर इंटरनेट की स्पीड कम होने से को-विन (कोविड-19 वैक्सीन इंटेलीजेंस नेटवर्क) में डाटा फीडिंग में देरी हुई। इसके अलावा टीकाकरण से संबंधित अन्य तैयारियां भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार खरी उतरीं।