पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन और मार्च में संभावित पंचायत चुनाव को देखते हुए आईपीएस अफसरों के तबादले की सूची अटकी हुई है।
प्रमोशन पाए आईपीएस अफसरों को एक जनवरी से ही तबादलों का इंतजार है। माना जा रहा है कि आईपीएस अफसरों की तैनाती के लिए ऐसे अफसरों को भी तलाशा जा रहा है जो पंचायत चुनाव भी ठीक से करा सकें।
दरअसल प्रदेश सरकार ने किसान आंदोलन को देखते हुए डीआईजी से लेकर एडीजी स्तर तक के अधिकारियों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में नोडल अधिकारी के रूप में भेजा गया है।
इन अधिकारियों को लौट कर अपनी रिपोर्ट दी है। इसमें कुछ ऐसे अफसर भी हैं जो फील्ड में हैं और कुछ ऐसे भी जो फील्ड में जाने के दावेदार हैं। चर्चा है कि उन अधिकारियों के वापस आने के बाद ही तबादले की सूची जारी होगी।