पीड़ित प्रशांत विजय के मुताबिक, वह वारदात के बाद थाने पहुंचे। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने में हीलाहवाली करनी शुरू कर दी। उन्होंने अपने परिचित अयोध्या के मिल्कीपुर से भाजपा विधायक गोरखनाथ बाबा को सूचना दी। विधायक के पहुंचने के बाद भी पुलिस टालमटोल करती रही।
इस पर विधायक व उनके समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया। देर रात को पुलिस के उच्चाधिकारियों को थाने में तैनात कर्मचारियाें के हरकत के बारे में सूचना दी। इसके बाद पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार दुबे के मुताबिक, पीड़ित की तहरीर पर विक्रम सिंह, रुचिकर सिंह, दीपक कुमार के खिलाफ अगवा करने, पीटने और लूटपाट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।