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जाह्नवी और ईशान ने खोले फिल्म 'धड़क' से जुड़े कई राज, बोले- नहीं देखी अभी तक फिल्म

Mon, 02 Jul 2018 08:26 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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धड़क
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प्रमोशन के सिलसिले में रविवार को लखनऊ पहुंचे फिल्म 'धड़क' के कलाकारों ने लखनऊ प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को भी शहर के सिने प्रेमियों के दिलों को खूब धड़काया। 

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फिल्म ‘धड़क’ से फिल्मी दुनिया में कदम रखने जा रहीं दिवंगत प्रसिद्ध अभिनेत्री श्रीदेवी और प्रसिद्ध फिल्म निर्माता बोनी कपूर की बेटी जाह्नवी कपूर तथा फिल्म में उनके नायक बने प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता शाहिद कपूर के भाई ईशान खट्टर बताते हैं कि उनकी फिल्म एक खास मकसद को लिए हुए हैं।

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जाति प्रथा के मुद्दे को उठाने वाली इस फिल्म में नफरत छोड़कर प्रेम करने का संदेश दिया गया है। जाह्नवी और ईशान ने सोमवार को हजरतगंज स्थित मल्टीप्लेक्स सहित कई स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया। इन युवा कलाकारों ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत की, पेश है कुछ अंश...।

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फिल्म को लेकर कितने उत्साहित हैं?
जाह्नवी : बहुत उत्साहित हूं। यह मेरी पहली फिल्म है, लेकिन सिर्फ इसलिए नहीं बल्कि इसलिए भी कि यह हमारी एक नई यात्रा है। ऐसा लगता है कि हमें एक नया परिवार मिल गया है। बहुत प्यार से हमने ये फिल्म बनाई है।
ईशान : बहुत-बहुत ज्यादा उत्साहित हूं। जितना उत्साहित मैं अपने किरदार को जीने के लिए था अब उतना ही उत्साहित मैं इस फिल्म को देखने के लिए भी हूं। हम दोनों ने अभी यह फिल्म देखी नहीं है। बहुत दिल से काम किया है, बहुत लगन से काम किया है। यह फिल्म एक बार मराठी में ‘सैराट’ नाम से बन चुकी है और लोगों ने उसे सराहा है। फिल्म एक अहम मुद्दे को उठाती है। उम्मीद है कि लोग इसे देखेंगे और उस बात को महसूस करेंगे जो हम उन्हें महसूस कराना चाहते हैं।

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‘सैराट’ से यह किस तरह अलग है?
जाह्नवी : हमने मराठी फिल्म से प्रेरणा जरूर ली है, लेकिन यह उसका पुनर्निर्माण नहीं है। इसकी सजावट बिल्कुल अलग है। जब मैंने ‘सैराट’ देखी थी तो मेरा मन बहुत भारी हो गया था।

ईशान : इस तरह की कहानी पर पहले भी फिल्म बनी है, ‘कयामत से कयामत तक’ हो या कुछ दूसरी फिल्में, कहानी मिलती-जुलती हो सकती हैं, लेकिन कहने का अंदाज अलग है। इस पर देश भर में चर्चा होनी चाहिए। यह एक प्यार की कहानी है, जिन पर ज्यादातर फिल्म आधारित होती हैं। ‘सैराट’ के प्रशंसकों के लिए भी यह एक नई तरह की फिल्म होगी।

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‘धड़क’ करते हुए ‘सैराट’ के कलाकार भी आप पर हावी रहे होंगे? 
ईशान : हमने अपने किरदरों को ‘सैराट’ के किरदारों से अलग रखने की कोशिश की है। हमारे किरदारों की दुनिया उनसे बिल्कुल अलग है। उनके हावभाव अलग हैं। वे अलग जुबान बोलते हैं। हमारी कहानी का अहम मुद्दा यही है कि आप अपने प्यार और इंसानियत पर कायम रहें और नफरत को भुला दें।

धड़क
क्या आपकी अपनी मां से तुलना की जाएगी?
जाह्नवी : मैंने कभी यह दबाव लेने की कोशिश नहीं की कि मुझे उनकी तरह ही अभिनय करना है या उनसे अलग करना है। इस फिल्म में काम करते हुए मैं केवल अपने किरदार के बारे में ही सोचती थी। मुझे मालूम है कि किसी फिल्म के लिए काम करते हुए मेरी मां जितनी मेहनत करती थी, मुझे उतनी ही मेहनत करनी होगी। मैंने वही करने की कोशिश की है। मां को इतना सारा प्यार मिला है तो मैं आशा करती हूं कि मुझे भी उतना ही प्यार मिलेगा, लेकिन मुझे मालूम है कि उसके लिए मुझे बहुत मेहनत करनी होगी। मैं वह करने के लिए तैयार हूं क्योंकि मुझे अभिनय से बहुत प्यार है।
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क्या आपकी अपनी मां से तुलना की जाएगी?

धड़क
जाह्नवी : मैंने कभी यह दबाव लेने की कोशिश नहीं की कि मुझे उनकी तरह ही अभिनय करना है या उनसे अलग करना है। इस फिल्म में काम करते हुए मैं केवल अपने किरदार के बारे में ही सोचती थी। मुझे मालूम है कि किसी फिल्म के लिए काम करते हुए मेरी मां जितनी मेहनत करती थी, मुझे उतनी ही मेहनत करनी होगी। मैंने वही करने की कोशिश की है। मां को इतना सारा प्यार मिला है तो मैं आशा करती हूं कि मुझे भी उतना ही प्यार मिलेगा, लेकिन मुझे मालूम है कि उसके लिए मुझे बहुत मेहनत करनी होगी। मैं वह करने के लिए तैयार हूं क्योंकि मुझे अभिनय से बहुत प्यार है।
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