मुजफ्फरनगर दंगों की चपेट में जल रहे यूपी विधानसभा के मॉनसून सत्र में शुक्रवार को आग भड़क ही उठी।
सत्र के तीसरे दिन की शुरुआत भी खासी गरमागरम रही। सपा पर निशाना साधते हुए भाजपा के कुछ नेताओं ने मुख्यमंत्री के आसन की ओर कदम बढ़ा दिए।
भारतीय जनता पार्टी से बलिया के विधायक उपेंद्र तिवारी ज्यादा ही तैस में आ गए और उन्हें देखकर समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री पवन पांडेय भी बीच में उतर पड़े।
पवन ने उपेंद्र को रोकने की कोशिश की, तो धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पलक झपकते ही यह धक्का-मुक्की गाली-गलौच और हाथापाई में बदल गई। इस पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।
एक पक्ष यह भी आरोप लगा रहा है कि लखनऊ विश्वविद्यालय में दबंग छात्र नेता रहे पवन पांडेय ने लड़ाई की शुरुआत की। उन्होंने उपेंद्र को पहले तो पीटा और उसके बाद मारने की धमकी भी दे डाली।
सदन में हंगामे और शोर के चलते विधानसभा स्थगित करनी पड़ी। खबर आ रही है कि करीब आधे घंटे के लिए सदन की कार्यवाही को रोक दिया गया है।