श्रावस्ती। जिले में भले ही डीएपी के लिए मारामारी मची हुई है लेकिन सीमा पार नेपाल में किसानों के हिस्से की उर्वरक धड़ल्ले से बेची जा रही है। इसका खुलासा क्षेत्रीय किसानों ने किया है। इसका वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया। वहीं क्षेत्रीय समितियों व दुकानों पर सवालिया निशान लगने लगे हैं।
जिले की समितियों पर किसानों को डीएपी खोजे नहीं मिल पा रही है। पीपैक्स तिलकपुर सोसायटी पर बृहस्पतिवार को 340 बोरी डीएपी आई थी। इसकी सूचना के बाद वहां किसानों की भारी भीड़ जमा हो गई। दोपहर दो बजे तक यहां 125 किसानों में 300 बोरी डीएपी बांटी जा चुकी थी। सोसायटी पर मौजूद सचिव अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि अभी 40 बोरी डीएपी शेष बची हुई है। इसके लिए कई किसान कतार में हैं।
इसके विपरीत जमुनहा क्षेत्र में नेपाल सीमा पार घुड़दौरिया में नामेंस लैंड के निकट नेपाली क्षेत्र में खुली दुकान में खुलेआम भारतीय क्षेत्र ले जाई गई डीएपी व यूरिया बेची जा रही थी। इसका वीडियो बनाकर किसी किसान ने वायरल कर दिया। नेपाल सीमा पर जिले के हिस्से की बिक रही डीएपी व यूरिया ने जहां क्षेत्रीय समितियों व उर्वरक विक्रेताओं की निष्ठा पर सवालिया निशान लगा दिया है। वहीं इतनी सख्ती व सुरक्षा के बीच उर्वरक सीमा पार कैसे पहुंची। इस बारे में जिला कृषि अधिकारी अनिल प्रसाद मिश्रा का कहना है कि क्षेत्रीय कर्मचारियों को भेज कर इसकी जांच कराई जाएगी। मामला यदि सीमा पार का है तो कोई कार्रवाई संभव नहीं है। फिलहाल वायरल वीडियो की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है।