कोर्ट परिसर में हमले की कोशिश।
- फोटो : amar ujala
उसामा हत्याकांड के मुख्य आरोपी को उसके घर वालों के साथ पुलिस ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया। इस दौरान न्यायालय कक्ष के बाहर हत्या से नाराज कुछ लोगों ने हत्यारोपी पर हमले का प्रयास किया पर पुलिस ने उसे बचा लिया। सुरक्षा घेरे के बीच कोतवाली नगर पुलिस ने आरोपी आसिफ व उसके घर वालों को अदालत में पेश किया। जहां से उन सभी को जेल भेज दिया गया।
सोमवार को गांधीनगर मोहल्ले में आसिफ ने व्यापारी शकील के पुत्र उसामा का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। घरवालों से पांच लाख की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने आरोपी आसिफ को बुधवार को उसके घर से पकड़ा था। उसी के कमरे में अपहृत उसामा का शव मिला था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने आरोपी आसिफ, उसके पिता ताज मोहम्मद, चाचा सलीम, चाची रिजवाना व बहन शबनम को कोर्ट में पेश किया। इस दौरान न्यायालय कक्ष जाते समय आक्रोशित लोगों ने उस पर हमले का प्रयास किया तो पुलिस उसे किसी तरह से बचाते हुए न्यायालय कक्ष में ले गई। कोर्ट ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
ये भी पढ़ें - अपहरण के बाद बच्चे का कत्ल: हाथ-पैर रस्सी से बंधे... मुंह में ठूंसा कपड़ा; 36 घंटे बेड के नीचे छिपाकर रखी लाश
ये भी पढ़ें - अपहरण के बाद बच्चे का कत्ल: कातिल आसिफ की करतूत में शामिल था परिवार... सामने आया चौंकाने वाला सच; तस्वीरें
उसामा हत्याकांड में पुलिस ने रखा फूंक-फूंक कर पांव
सुल्तानपुर शहर के गांधीनगर मोहल्ले में सोमवार को फिरौती के लिए व्यापारी पुत्र का अपहरण कर हत्या करने के मामले में पुलिस ने हर कदम पर फूंक-फूंक कर पांव रखे। इसी वजह से पूरे परिवार को हिरासत में लेने के बाद अपहृत बालक के शव को घर से बाहर निकाला गया। पुलिस ने एहतियात न बरता होता तो शायद बड़ा बवाल हो जाता।
सोमवार को गांधीनगर मोहल्ले से व्यापारी शकील के पुत्र उसामा (11) का पड़ोसी आसिफ ने अपहरण कर लिया था। उसी रात उसने उसामा की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। विवेचना के दौरान मिले सुरागाें से पुलिस को पहले ही उस पर संदेह हो गया था लेकिन पुलिस ने उसे अपनी गतिविधि का एहसास नहीं होने दिया। सीसीटीवी फुटेज में मिली फुटेज से ई रिक्शा चालक व दिव्यांग युवक ने भी आसिफ की शिनाख्त कर ली। इसके बाद भी पुलिस ने उसे जाहिर नहीं होने दिया।
मंगलवार को दिन में फिरौती की आखिरी काल के बाद पुलिस ने उसे पकड़ने की योजना बना ली थी। वह कहीं भाग न जाय इसके लिए पुलिस ने उसे दिन में नहीं दबोचा। मंगलवार रात में आसिफ अपने घर सोने चला गया। बुधवार भोर पुलिस ने पहले उसके घर दबिश देकर उसे व उसके घरवालों को हिरासत में ले लिया। उन्हें पुलिस हिरासत में कोतवाली ले जाया गया। इसके बाद अपहृत बालक के शव को घर से निकाला गया। शव मिलने के बाद पूरे मोहल्ले में हत्यारोपियों के खिलाफ आक्रोश पनप उठा था। यदि पुलिस उन्हें पहले से हिरासत में नहीं लेती तो शायद वहां पर बवाल भी हो सकता था। प्रभारी निरीक्षक नारदमुनि सिंह ने बताया कि संदेह होने के बाद भी पुलिस ने आरोपी को रंगेहाथ पकड़ने की ठानी थी। योजना के तहत उसकी व उसके घरवालों की गिरफ्तारी की गई।