108 व 102 एंबुलेंस सेवाएं ठप होने के कगार पर हैं। फील्ड कर्मचारियों को लगातार तीसरे महीने वेतन नहीं मिलने से हड़ताल की नौबत आ गई है। ऐसे में कर्मचारियों को किसी तरह एंबुलेंस सेवाएं जारी रखने के लिए मनाया जा रहा है।
108-102, एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से प्रदेश में रोजाना 15 से 16 हजार मरीजों को सेवाएं दी जाती हैं, पर कर्मचारियों को वेतन भुगतान न होने से इस सेवा पर कभी ब्रेक लग सकता है। एमओयू के अनुसार एंबुलेंस संचालक कंपनी जो भी बिल भुगतान के लिए लगाएगी, उसका लगभग 70 फीसदी उसे दे दिया जाएगा। 30 फीसदी भुगतान कंपनी को कॉल वेरिफिकेशन के बाद दिया जाएगा। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बिना वेरिफिकेशन के भुगतान देने से इनकार कर दिया है। इसके चलते एक-एक बिल के भुगतान में तीन से चार महीने लग रहे हैं। इससे फील्ड कर्मचारियों का प्रतिमाह के हिसाब से 30 करोड़ रुपये वेतन के साथ ही डीजल व अन्य भुगतान भी फंसे हैं।
सूत्रों के अनुसार इस बारे में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण को पत्र लिखकर जानकारी दी गई है। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों ने वेतन न मिलने पर 16 जनवरी से हड़ताल पर जाने की धमकी दी थी लेकिन एंबुलेंस संचालक कंपनी के अधिकारियों ने किसी तरह उन्हें मना लिया। इसके बाद कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप मरीजों को अस्पताल ले जाने या फिर उन्हें घर छोड़ने के बाद उसकी जानकारी मुख्यालय के कंट्रोल रूम को देना बंद कर दिया है। ऐसे में मरीज की पूरी जानकारी दर्ज नहीं होने पर शासन से उन्हें भुगतान नहीं मिलेगा। इससे उनकी दिक्कतें और बढ़ने की संभावना है।
एंबुलेंस संचालन में यदि किसी की गलती से भुगतान फंसा है तो उस पर कार्रवाई होगी। इसके बारे में जानकारी की जाएगी।
- देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य