दस माह के बच्चे की नादानी और घर वालों की अनदेखी से नौनिहाल की जान पर बन आई। खेल-खेल में बच्चे ने मूंगफली का छिलका निगल लिया जो सांस की नली में फंस गया। इसके चलते बच्चा बेहोश हो गया।
घर वाले आनन-फानन बच्चे को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे तो केजीएमयू में चीफ रेजिडेंट रहे युवा डॉक्टर ने छिलका निकाल कर बच्चे की जान बचाई।
इस तरह की सुविधा राजधानी के किसी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। सिद्धार्थनगर के रहने वाले राम नरेश गुप्ता का दस महीने का बेटा ब्रह्मप्रकाश गुप्ता 24 दिसंबर, बुधवार को घर में अपनी बड़ी बहन के साथ खेल रहा था।
खेलते वक्त जमीन पर पड़ा मूंगफली का छिलका मुंह में डाल लिया। बड़ी बहन ने देखा तो घर वालों को बताया लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। थोड़ी देर बाद बच्चे की सांस तेज चलने लगी और वह अचानक बेहोश हो गया।
परिवारीजन स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने लखनऊ रेफर कर दिया। गंभीर हालत में परिवारीजन उसे लेकर महानगर स्थित एक ट्रस्ट के अस्पताल पहुंचे।