फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: फैजुल्लागंज की मामा कॉलोनी में बुखार का प्रकोप, 14 मरीज मिले

विज्ञापन
जलभराव से गुजरते लोग।
विज्ञापन
लखनऊ। फैजुल्लागंज की मामा कॉलोनी में संक्रामक रोगों ने दस्तक दे दी है। जगह-जगह जलभराव से बीमारियां पनप रही हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इलाके का दौरा कर दवाएं वितरित कीं और एंटीलार्वा का छिड़काव कराया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दौरे के दौरान पांच मरीजों को ट्रैस किया। वहीं, नौ मरीज पीएचसी पहुंचे।
विज्ञापन

मामा कॉलोनी निवासी गोविंद (21) और रामसुमिरन यादव (25) डायरिया से पीड़ित पाए गए। वहीं, निशा (25), दीपांशी (5), अभिषेक (17), जूही (3), फरमान (3), आदिवा (5), आनंद (24), तेजपाल (30) और राम मिलन (20) बुखार से ग्रस्त मिले। सभी ने पीएचसी पहुंचकर उपचार लिया।
सुबह 11 बजे डिप्टी सीएमओ डॉ. निशांत निर्वाण ने टीम के साथ मामा कॉलोनी और शिवशक्ति नगर का निरीक्षण किया। 180 घरों के सर्वे में बुखार के पांच नए मरीज मिले, जिन्हें मेडिकल मोबाइल यूनिट से दवा दी गई। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि स्थिति अभी गंभीर नहीं है, लेकिन पीएचसी की टीम को लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन

नालियां गायब, सड़क बनी तालाब
मामा कॉलोनी जाने वाला मुख्य मार्ग तालाब में तब्दील है। नालियों के अभाव में बारिश का पानी सड़क पर भरा है। पूरे इलाके में यही हाल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी घटने पर ही बच्चे स्कूल जा पा रहे हैं। पिछले एक हफ्ते बच्चे पढ़ाई से वंचित रहे। नालियां और सड़क निर्माण के लिए पार्षद और विधायक को पत्र भेजा गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
स्ट्रीट लाइट तक गायब
करीब 250-300 घरों वाली मामा कॉलोनी की मुख्य सड़क पर एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं है। जगह-जगह गड्ढों से भरी सड़क रात के अंधेरे में जानलेवा साबित हो रही है। आए दिन राहगीर गिरकर जख्मी हो रहे हैं। स्थानीय निवासी मीनू अवस्थी ने बताया कि न सड़क बनी है, न लाइट लगी है। शिकायतों के बावजूद अफसरों ने ध्यान नहीं दिया।
बच्चे जूते-मोजे उतारकर जा रहे स्कूल
स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना जलभराव से होकर गुजरना पड़ रहा है। छोटे-छोटे बच्चे जूते-मोजे हाथ में उठाकर कीचड़-पानी से निकलते हैं। कई बच्चों के पैरों में दाने तक निकल आए हैं। स्थानीय निवासी उमेश का कहना है कि कॉलोनी में नरक जैसे हालात हैं। अगर हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले दिनों में महामारी फैल सकती है।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

जलभराव से गुजरते लोग।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें