सुनीता ने बताया कि सुबह साढ़े छह बजे वह पीजीआई के अन्दर स्थिति सरकारी आवास से स्कूल के लिए निकली थीं। तेलीबाग पुलिस चौकी के पास टेंम्पो से उतरी और सड़क पार करने लगी तभी एक युवक पास में आया और बोला मैडम पीछे पुलिस वाले साहब आप को बुला रहे हैं।
सुनीता ने पलटकर देखा और पास में गयी तो उस युवक ने कहा इतने केस हो रहे है आप फिर भी जेवर पहन कर चल रही है। इन्हें उतारिये ,सुनीता ने कहा कि वो कल से नहीं पहनेंगी तो युवक ने उन्हें डराते हुए 5000 रुपये जुर्माना अदा करने की बात कही |
सुनीता के अनुसार तभी दोनों युवक पास में आ गये और जेवर उतरवाने लगे सुनीता ने कहा उन्होंने कानो में सुहाग की निशानी पहन रखी है। उसे न उतरवाये पर वे नहीं माने और हाथो के चार कड़े, कान की बाली, चेन, अंगुठिया सभी उतरवा लिया। इनकी कीमत लगभग चार लाख रुपये होगी।
जेवर को एक कागज में लपेट कर मेरा बैग खुलवाया और उसके अन्दर पुड़िया डाल दी। सुनीता ने बताया कि जब वे स्कूल पहुंची और पुड़िया खोला तो उसमे पीतल के नकली दो कड़े थे ये देखकर उन्हें बहुत दुख हुआ और रोने लगी |