सीएचसी मल्हीपुर से बीसीपीएम को गिरफ्तार कर ले जाती एंटी करप्शन टीम।
श्रावस्ती। गोंडा की एंटी करप्शन टीम ने सीएचसी मल्हीपुर में तैनात बीसीपीएम (ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर) को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते शुक्रवार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। उसे मल्हीपुर थाना ले जाया गया जहां आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
हरदत्त नगर गिरन्ट थाना क्षेत्र के ग्राम राजापुर पुरैना निवासी आशा कार्यकर्ता गुफराना के दो महीने का पारिश्रमिक बकाया था। उसकी पत्रावली बीसीपीएम रिजवाना मुराद नहीं जमा कर रही थी। इस कारण उसका भुगतान रुका हुआ था। बीसीपीएम आशा कार्यकर्ता से पत्रावली जमा करने के बदले पांच हजार रुपये की मांग कर रही थी। आरोप है कि क्षेत्र में कुल 276 आशा कार्यकर्ता हैं। आरोप है कि बीसीपीएम प्रत्येक आशा से 500 से एक हजार रुपये तक वसूली करती है। इसकी शिकायत गुफराना ने एंटी करप्शन टीम गोंडा में की थी।
शुक्रवार को बीसीपीएम ने आशा गुफराना को पैसा देने के लिए बुलाया था। जैसे ही रिजवाना ने गुफराना से पैसा लिया तभी एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। उसके विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उसे रिमांड के लिए गोरखपुर ले जाया जाएगा।
पहले भी विवादों से घिरी रही है आरोपी
श्रावस्ती। मल्हीपुर सीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स दीपा ने 23 नवंबर को बीसीपीएम रिजवाना मुराद पर मारपीट का आरोप लगाया था। पुलिस ने दो लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया था। इससे पूर्व कई बार क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं ने भी उन पर वसूली का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी। इतना ही नहीं 2020 में तत्कालीन मल्हीपुर सीएचसी के अधीक्षक डा. एसबी सिंह व बीसीपीएम रिजवाना मुराद पर आरोप था कि आशा बहुओं की भर्ती के लिए उन्होंने एक महिला से रिश्वत मांगी थी। इसका एक ऑडियो भी वायरल हुआ था। इस मामले को अमर उजाला ने 28 नवंबर 2020 के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसे संज्ञान में लेते हुए मामले की जांच कराई गई थी।