निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों की फीसें भले ही अलग-अलग तय की गई हों पर सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलीटेक्निक संस्थाओं की फीस एक समान तय की जाएगी।
सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक की फीस जहां 12000 तक बढ़ाने का प्रस्ताव है, वहीं डिप्लोमा कोर्स की फीस में 8000 रुपये तक वृद्धि का प्रस्ताव है।
शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों की बैठक में इस पर कई चरणों में मंथन के बाद सहमति बन गई है। इस संबंध में शीघ्र ही आदेश जारी करने की तैयारी है, ताकि इसी सत्र से बढ़ी हुई फीसें छात्रों से ली जा सके।
राज्य सरकार ने यह व्यवस्था दी है कि प्रत्येक तीन वर्ष पर सरकारी और निजी इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक संस्थाओं की फीस तय की जाएगी।
निजी संस्थाओं की फीस के लिए अलग कमेटी है और सरकारी संस्थाओं में फीस तय करने के लिए प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा की अध्यक्षता में कमेटी है। निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों की फीस तय कर दी गई है।
सरकारी संस्थाओं की फीस तय करने की प्रक्रिया चल रही है। सूत्रों के मुताबिक बीटेक, बीआर्क, बीफार्मा की फीस 12000, एमबीए, एमसीए, एमटेक 8000 तक वृद्धि किए जाने का प्रस्ताव है। इसी तरह पॉलीटेक्निक में डिप्लोमा स्तरीय फीस में 8000 रुपये तक वृद्धि किए जाने का प्रस्ताव है।
पॉलीटेक्निक के लिए प्रस्ताव
सरकारी पॉलीटेक्निक में मौजूदा समय 12,670 फीस है इसे बढ़ाकर 20,000, सहायता प्राप्त पॉलीटेक्निक में 17,500 रुपये है। इसे बढ़ाकर 25,500 तथा सहायता प्राप्त पॉलीटेक्निक में सेल्फ फाइनेंस की सीट पर प्रवेश के लिए मौजूदा समय 21 हजार रुपये है इसे बढ़ाकर 27 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है। पॉलीटेक्निक में मौजूदा समय 37320 सीटें हैं। यह फीस एक साल के लिए निर्धारित की जाती है।