लखनऊ। पीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमन के मुताबिक चिकित्सीय गुणवत्ता के लिए फीडबैक बहुत जरूरी है। वे संस्थान में सोमवार से शुरू हुए गुणवत्ता सप्ताह पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे।
प्रो. धीमन ने कहा, चिकित्सा में गुणवत्ता पर सबसे ज्यादा फोकस होता है। इसी वजह से कई तरह की ग्रेडिंग कराई जाती है। प्रो. राजेश हर्षवर्धन ने अस्पताल में गुणवत्ता के कानूनी पहलू पर चर्चा की। बताया कि बेहतर और गुणवत्तापरक चिकित्सा सभी का अधिकार है। डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने चिकित्सा में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से गुणवत्ता बढ़ाने के पहलू पर चर्चा की। डॉ. भास्कर नारायण चौधरी ने माइक्रोबायोलॉजी और संक्रमण नियंत्रण की विशेषज्ञता से गुणवत्ता बढ़ाने की बात कही। इमरजेंसी मेडिसिन एसोसिएशन यूपी के सचिव डॉ. तन्मय घटक ने स्वास्थ्यकर्मियों के लिए निरंतर शिक्षा और जागरूकता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इससे गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी।